भोपाल। मानसून के दौरान शहर में जलभराव, गंदगी और संक्रामक बीमारियों की रोकथाम को लेकर भोपाल नगर निगम ने तैयारियां तेज कर दी हैं। शुक्रवार को नगर निगम मुख्यालय अटल भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में महापौर मालती राय ने अधिकारियों को जलभराव वाले स्थानों पर लगातार निगरानी रखने और पानी की निकासी की व्यवस्था निर्बाध रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में स्वास्थ्य विभाग और गोवर्धन परियोजना शाखा के कार्यों की समीक्षा की गई। इस दौरान अपर आयुक्त वरुण अवस्थी, महापौर परिषद सदस्य आर.के. सिंह बघेल, उपायुक्त हीरेंद्र सिंह कुशवाह सहित स्वास्थ्य एवं गोवर्धन परियोजना शाखा के अधिकारी उपस्थित रहे।
जलभराव वाले क्षेत्रों पर रहेगी विशेष निगरानी
महापौर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन स्थानों पर हर वर्ष जलभराव की समस्या रहती है या हाल की बारिश में पानी जमा हुआ है, वहां लगातार निगरानी रखी जाए और पानी की निकासी शीघ्र एवं व्यवस्थित तरीके से सुनिश्चित की जाए, ताकि नागरिकों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
सफाई, फॉगिंग और कचरा प्रबंधन पर विशेष जोर
बैठक में महापौर ने शहर की स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहर से निकलने वाले समस्त कचरे का समय पर संग्रहण कर उसे निर्धारित निष्पादन स्थलों तक पहुंचाया जाए। साथ ही नए गार्बेज ट्रांसफर स्टेशनों के शेष निर्माण कार्य शीघ्र पूरे कर उनका संचालन प्रारंभ किया जाए।
उन्होंने वर्षा ऋतु में मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए शहरभर में व्यापक स्तर पर फॉगिंग और कीटनाशक दवाओं के छिड़काव के निर्देश भी दिए।
सार्वजनिक शौचालयों के रखरखाव की बनेगी कार्ययोजना
महापौर ने नवनिर्मित सार्वजनिक शौचालयों के बेहतर संचालन एवं रखरखाव के लिए अलग से कार्ययोजना तैयार कर शीघ्र लागू करने के निर्देश दिए, ताकि नागरिकों को स्वच्छ सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
आवारा पशुओं पर कार्रवाई तेज करने के निर्देश
बैठक में महापौर मालती राय ने सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर घूमने वाले पशुओं को हटाने की कार्रवाई और अधिक प्रभावी ढंग से चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कांजी हाउसों में पशुओं के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा शहर में पशुपालकों का सर्वेक्षण कराने पर भी जोर दिया।
नगर निगम के अनुसार, मानसून के दौरान जल निकासी, स्वच्छता, फॉगिंग और आवारा पशुओं के प्रबंधन से जुड़े अभियान लगातार जारी रहेंगे, ताकि नागरिकों को सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।