अमित शाह ने शहरी सहकारी बैंकों के लिए पेश किया रोडमैप, साइबर सुरक्षा और डिजिटल बैंकिंग पर जोर

मुंबई, 9 अगस्त 2026। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने रविवार को भारत के शहरी सहकारी बैंकिंग क्षेत्र को आधुनिक और मजबूत बनाने के लिए रोडमैप पेश किया। मुंबई के बीएसई इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने नेशनल अर्बन कोऑपरेटिव फाइनेंस एंड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (NUCFDC) की कई डिजिटल और संस्थागत पहलों का शुभारंभ किया।

कार्यक्रम में ‘बैंक इन ए बॉक्स’, शहरी सहकारी बैंकों के लिए साइबर सुरक्षा ढांचे और ‘सहकार सीबीएस’ जैसी पहल शुरू की गईं। इसके साथ ही ‘सहकार सीबीएस’ को सबसे पहले अपनाने वाले छह शहरी सहकारी बैंकों को सम्मानित किया गया। अमित शाह ने मुंबई के फोर्ट में NUCFDC के नए कार्यालय का उद्घाटन भी किया।

‘बैंक इन ए बॉक्स’ से एक प्लेटफॉर्म पर मिलेंगी बैंकिंग सुविधाएं

NUCFDC की ‘बैंक इन ए बॉक्स’ पहल के तहत शहरी सहकारी बैंकों को एक ही प्रबंधित प्लेटफॉर्म के जरिए कोर बैंकिंग, डिजिटल बैंकिंग चैनल, भुगतान प्रणाली, डेटा सेंटर, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर, साइबर सुरक्षा और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने की योजना है।

इसका उद्देश्य खासतौर पर छोटे शहरी सहकारी बैंकों को कम लागत में आधुनिक तकनीक उपलब्ध कराना है। इससे बैंकों को अलग-अलग तकनीकी प्रणालियों को खरीदने और उन्हें आपस में जोड़ने की जटिलता से भी राहत मिलेगी।

एनएफएसयू के साथ साइबर सुरक्षा के लिए समझौता

शहरी सहकारी बैंकों की साइबर सुरक्षा मजबूत करने के लिए NUCFDC और नेशनल फोरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी (NFSU) के बीच एमओयू हुआ। इसके तहत साझा सुरक्षा संचालन केंद्र (SOC) स्थापित किया जाएगा, जो बैंकों को 24 घंटे साइबर सुरक्षा निगरानी और अन्य विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद करेगा।

इस साझेदारी में डिजिटल फोरेंसिक, साइबर सुरक्षा जांच, पेनेट्रेशन टेस्टिंग, साइबर हमलों की स्थिति में प्रतिक्रिया, साइबर ड्रिल और बैंक कर्मचारियों के प्रशिक्षण जैसी सेवाएं भी शामिल हैं।

छह शहरी सहकारी बैंक हुए सम्मानित

कार्यक्रम में NUCFDC के ‘सहकार सीबीएस’ को शुरुआती तौर पर अपनाने वाले छह शहरी सहकारी बैंकों को सम्मानित किया गया। इनमें गुजरात के अपनी सहकारी बैंक लिमिटेड, मालपुर नागरिक सहकारी बैंक लिमिटेड और यूनियन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, दिल्ली का कांगड़ा को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, ओडिशा का बालेश्वर को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड और पश्चिम बंगाल का ढाकुरिया को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड शामिल हैं।

अमित शाह बोले- शहरी सहकारी बैंकों की अहम भूमिका

अमित शाह ने कहा कि NUCFDC शहरी सहकारी बैंकों की बैंकिंग सेवाओं को आधुनिक, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि तकनीक, डिजिटल बैंकिंग, साइबर सुरक्षा, डिजिटल फॉरेंसिक और एआई आधारित समाधानों के जरिए छोटे बैंकों को भी उन्नत बैंकिंग क्षमताएं कम लागत में उपलब्ध कराई जा सकती हैं।

उन्होंने कहा कि इससे बैंकिंग व्यवस्था की सुरक्षा मजबूत होगी, जमाकर्ताओं का विश्वास बढ़ेगा और शहरी सहकारी बैंक प्रतिस्पर्धा के लिए बेहतर तरीके से तैयार होंगे। अमित शाह ने 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य में शहरी सहकारी बैंकिंग क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका पर भी जोर दिया।

‘ऑपरेशनल रिस्क मैनेजमेंट एंड रेजिलीएंस’ पुस्तक का विमोचन

कार्यक्रम में शहरी सहकारी बैंकों के लिए ‘ऑपरेशनल रिस्क मैनेजमेंट एंड रेजिलीएंस’ नामक पुस्तक का विमोचन भी किया गया। इसके लेखक भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व उप महाप्रबंधक और विजय को-ऑपरेटिव बैंक तथा अहमदाबाद मर्केंटाइल को-ऑपरेटिव बैंक के पूर्व महाप्रबंधक जी. पी. मिस्त्री हैं।

पुस्तक में परिचालन जोखिम, नियामकीय अनुपालन और बैंकिंग व्यवस्था को अधिक मजबूत बनाने के लिए व्यावहारिक दिशा-निर्देश, चेकलिस्ट और मॉडल प्रारूप दिए गए हैं।

मुंबई में खुला NUCFDC का नया कार्यालय

अमित शाह ने मुंबई के फोर्ट में NUCFDC के नए कार्यालय का भी उद्घाटन किया। यह कार्यालय शहरी सहकारी बैंकों, सहकारी संस्थाओं, नीति निर्माताओं और तकनीकी भागीदारों के साथ समन्वय के केंद्र के रूप में काम करेगा।

NUCFDC के सीईओ प्रभात चतुर्वेदी ने कहा कि ‘बैंक इन ए बॉक्स’, NFSU के साथ साइबर सुरक्षा साझेदारी और ‘सहकार सीबीएस’ जैसी पहलें शहरी सहकारी बैंकों में तकनीकी मानकीकरण, लागत दक्षता और साइबर रेजिलीएंस बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। अमित शाह, शहरी सहकारी बैंक, NUCFDC, बैंक इन ए बॉक्स, सहकार CBS, साइबर सुरक्षा, NFSU, शहरी सहकारी बैंकिंग, अमित शाह मुंबई, विकसित भारत 2047

Exit mobile version