परिजनों ने आईजी, मानवाधिकार आयोग और एसडीएम से लगाई गुहार; पुलिस पर कार्रवाई में देरी का आरोप
भोपाल, 15 जून। जिले के बैरसिया थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम तरावली कला में एक युवक के कथित अपहरण का मामला सामने आया है। परिजनों का आरोप है कि घटना के 16 दिन बाद भी पुलिस ने नामजद आरोपियों के खिलाफ अपहरण का प्रकरण दर्ज नहीं किया है और अब तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
पीड़ित परिवार ने मामले की शिकायत पुलिस महानिरीक्षक (आईजी), मानवाधिकार आयोग और बैरसिया एसडीएम को की है। सोमवार को परिजनों ने नीलम पार्क में प्रेसवार्ता कर अपनी परेशानी बताई। इस दौरान शिवसेना जिला अध्यक्ष शैलेंद्र रायकवार सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
दूध लेने जाते समय युवक को ले जाने का आरोप
परिजनों के अनुसार, घटना 31 मई की सुबह करीब 8 बजे की है। तरावली कला निवासी प्रमोद कंजर अपनी पत्नी सरिता के साथ घर से दूध लेने जा रहा था। इसी दौरान मुख्य मार्ग पर एक वैन से आए कुछ लोगों ने कथित रूप से उसे जबरन वाहन में बैठाया और वहां से ले गए।
प्रमोद की भाभी मछला कंजर ने बताया कि घटना के समय उन्होंने कुछ आरोपियों को पहचान लिया था। परिवार का आरोप है कि आरोपियों में तरावली कला निवासी नरेंद्र कंजर सहित नजीराबाद क्षेत्र के करिया कंजर, शिवा कंजर, टीकम कंजर और गोलू कंजर सहित अन्य लोग शामिल हैं।
नामजद शिकायत के बावजूद अपहरण का मामला दर्ज नहीं होने का आरोप
परिजनों का कहना है कि घटना के अगले दिन 1 जून को बैरसिया थाने में आरोपियों के नाम से शिकायत दी गई थी। लेकिन उनका आरोप है कि पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज करने के बजाय केवल गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की।
परिवार का कहना है कि घटना को 16 दिन बीत चुके हैं, लेकिन युवक का पता नहीं चल पाया है और आरोपियों पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
पड़ोसियों के मोबाइल से फिरौती मांगने का आरोप
प्रमोद के परिजनों ने आरोप लगाया कि कथित अपहरणकर्ताओं द्वारा पड़ोसियों के मोबाइल फोन के माध्यम से संपर्क कर 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी जा रही है।
प्रमोद की भाभी ने बताया कि परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है और मजदूरी कर जीवन यापन करता है। इतनी बड़ी राशि देना उनके लिए संभव नहीं है। उन्होंने पुलिस से युवक को सुरक्षित बरामद करने और आरोपियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
शिवसेना जिला अध्यक्ष शैलेंद्र रायकवार ने आरोप लगाया कि पीड़ित परिवार कई दिनों से थाने, एसडीओ कार्यालय और आईजी कार्यालय के चक्कर लगा रहा है, लेकिन उन्हें उचित कार्रवाई नहीं मिल रही है।
उन्होंने प्रशासन से मामले में गंभीरता से जांच कर युवक की तलाश तेज करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
(नोट: मामले में लगाए गए आरोप पीड़ित परिवार और शिकायतकर्ताओं के हैं। पुलिस का पक्ष सामने आने के बाद ही स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।)
