CM हेल्पलाइन में राजस्व की 288 शिकायतें 100 दिन से लंबित, भोपाल प्रदेश में पिछड़ा

भोपाल, 17 अगस्त । राजधानी भोपाल में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर राजस्व से जुड़ी शिकायतों के निराकरण की रफ्तार सवालों के घेरे में है। आंकड़ों के मुताबिक 288 शिकायतें 100 दिन से अधिक समय से लंबित हैं। इनमें जमीन के सीमांकन, नामांतरण और अवैध कब्जे जैसी शिकायतें शामिल हैं।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराने वाले लोगों को उम्मीद रहती है कि उनकी समस्या प्रशासन तक पहुंचेगी और जल्द समाधान मिलेगा। लेकिन लंबे समय तक शिकायतें लंबित रहने से फरियादियों की परेशानी बढ़ रही है।
एक महीने में 375 शिकायतों का निराकरण
26 मई को भोपाल में 100 दिन से अधिक समय से लंबित शिकायतों की संख्या 663 थी। 23 जून तक यह घटकर 288 रह गई। यानी करीब एक महीने में 375 शिकायतों का निराकरण हुआ, लेकिन 288 शिकायतें अब भी 100 दिन से ज्यादा समय से लंबित हैं।
प्रदेशभर में 100 दिन से अधिक पुरानी ऐसी शिकायतों की संख्या 1,77,428 बताई गई है।
नामांतरण के 91 मामले 180 दिन से ज्यादा पुराने
राजस्व मामलों में भोपाल की स्थिति कई श्रेणियों में खराब है। नामांतरण के 91 मामले 180 दिन से अधिक समय से लंबित हैं। जबकि अविवादित नामांतरण के लिए 30 दिन और विवादित नामांतरण के लिए 45 दिन की समयसीमा निर्धारित है।
अविवादित बंटवारे के 103 मामले 90 दिन से अधिक समय से लंबित हैं। इसके लिए अधिकतम 45 दिन की समयसीमा तय है। इस मामले में भोपाल 55 जिलों में 52वें स्थान पर है।
वहीं अविवादित सीमांकन के 499 मामले 45 दिन से अधिक समय से लंबित बताए गए हैं। सीमांकन के लिए अधिकतम 45 दिन की समयसीमा निर्धारित है।
कलेक्टर ने कहा- राजस्व मामलों की समीक्षा होगी
भोपाल कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने कहा कि राजस्व मामलों को प्रशासन ने प्राथमिकता में रखा है। सभी एसडीएम को मामलों की समीक्षा के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि एडीएम प्रकाश नायक इसकी समीक्षा करेंगे और इसकी जवाबदारी भी उनकी रहेगी।
लंबे समय से लंबित शिकायतों का निराकरण प्रशासन के सामने चुनौती बना हुआ है। खासकर जमीन से जुड़े मामलों में देरी होने से आम लोगों को लगातार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। ऐसे में पुरानी शिकायतों का समयबद्ध निराकरण करना प्रशासन के लिए जरूरी है।





