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शिक्षा को विचारधारा की प्रयोगशाला और युवाओं के भविष्य को बेरोजगारी की कतार बना रही भाजपा सरकार : जीतू पटवारी

जर्जर स्कूलों, शिक्षकों की कमी और पेपर लीक से लेकर भर्ती परीक्षाओं तक सरकार पर साधा निशाना

इंदौर, 13 सितंबर। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इंदौर प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, बेरोजगारी और 19 सितंबर को इंदौर में होने वाले ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा।

पटवारी ने आरोप लगाया कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था लगातार कमजोर हो रही है। कई स्कूल जर्जर हैं, शिक्षकों की कमी है और शिक्षा महंगी होती जा रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा किसी विचारधारा की प्रयोगशाला नहीं, बल्कि ज्ञान, तर्क, शोध और वैज्ञानिक सोच का केंद्र होनी चाहिए। उच्च शिक्षा संस्थानों में वैचारिक हस्तक्षेप बढ़ना चिंता का विषय है। उन्होंने पाठ्यक्रम और इतिहास की स्वतंत्र, निष्पक्ष और वैज्ञानिक समीक्षा की मांग की।

बजट बढ़ा, लेकिन विद्यार्थियों तक कितना पहुंचा लाभ

पटवारी ने कहा कि 2026-27 के बजट में शिक्षा, खेल, कला एवं संस्कृति के लिए 52,917 करोड़ रुपये का प्रावधान बताया गया है, जबकि 2025-26 के संशोधित अनुमान में यह राशि 46,844 करोड़ रुपये थी। उन्होंने सवाल किया कि बजट बढ़ने के बावजूद जर्जर स्कूलों, शिक्षकों की कमी और विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान कितना हुआ है।

उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रिया को लेकर युवाओं का भरोसा कमजोर हुआ है। व्यापम/MPESB, पुलिस आरक्षक भर्ती, नर्सिंग भर्ती और MPPSC में कथित गड़बड़ियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।

पटवारी ने दावा किया कि 2020 से जून 2026 के बीच MPESB ने 73 परीक्षाएं आयोजित कीं और एक दर्जन से अधिक परीक्षाएं कथित अनियमितताओं और फर्जीवाड़े से जुड़े पुलिस मामलों में आईं। उन्होंने कहा कि तीन भर्ती परीक्षाएं रद्द भी हुईं। नर्सिंग भर्ती परीक्षा का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि 2023 में स्टाफ नर्स भर्ती परीक्षा का पेपर लीक होने के बाद परीक्षा रद्द करनी पड़ी और आठ लोगों की गिरफ्तारी हुई।

रोजगार और पलायन पर भी सरकार को घेरा

पटवारी ने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी गंभीर समस्या है। उन्होंने सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए करीब 30 लाख युवाओं के बेरोजगार होने का दावा किया। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में युवा रोजगार की तलाश में गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, दिल्ली और अन्य राज्यों का रुख कर रहे हैं। सरकार को प्रचार और आयोजनों से पहले रोजगार के सवाल का जवाब देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि शिक्षा और रोजगार एक-दूसरे से जुड़े हैं। शिक्षा की गुणवत्ता कमजोर होने और पर्याप्त रोजगार के अवसर नहीं बनने से युवाओं के भविष्य पर असर पड़ रहा है।

19 सितंबर को ‘छात्रों की गूंज’

पटवारी ने बताया कि 19 सितंबर को इंदौर के रीजनल पार्क के सामने मैदान में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम होगा, जिसे कांग्रेस ने ‘भारत जोड़ो मैदान’ नाम दिया है। उन्होंने बताया कि आयोजन के लिए कांग्रेस की ओर से आईडीए को 10 लाख रुपये से अधिक की राशि जमा की गई है।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी विद्यार्थियों और युवाओं से करीब एक घंटे संवाद करेंगे। कार्यक्रम में राघव चैतन्य, लश-करी (Lushcurry) और विकास अनबिटेबल ड्रीम टीम की लाइव प्रस्तुतियां भी होंगी। पटवारी के अनुसार, पूरे मध्यप्रदेश से छात्र-छात्राओं के कार्यक्रम में पहुंचने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी युवाओं की आवाज उठाने के लिए आ रहे हैं। भाजपा को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर युवाओं के सवाल सुनने चाहिए। पटवारी ने कहा कि लोकतंत्र में सवालों से डरने वाली सरकार ज्यादा दिन नहीं चलती।

पत्रकार वार्ता में राज्यसभा सांसद एवं प्रदेश कांग्रेस कोषाध्यक्ष अशोक सिंह, पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, शोभा ओझा, राष्ट्रीय सचिव सत्यनारायण पटेल, महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष रीना बोरासी, शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे, जिला कांग्रेस अध्यक्ष विपिन वानखेड़े सहित कांग्रेस के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

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