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भोपाल में दूध-मावा-पनीर की मिलावट जांच के लिए नया नवाचार, रैपिड मिल्क टेस्टिंग किट से मौके पर जांच

भोपाल। प्रदेश में दूध और दुग्ध उत्पादों में मिलावट की जांच को लेकर खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने नया नवाचार शुरू किया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रदेश के विभिन्न जिलों में रैपिड मिल्क टेस्टिंग किट के माध्यम से दूध, मावा और पनीर की मौके पर प्राथमिक जांच की जा रही है। इसके साथ ही खाद्य सुरक्षा अधिकारी आम लोगों को भी मिलावट की पहचान के आसान तरीकों के बारे में जानकारी दे रहे हैं।

विभाग के अनुसार प्रदेश के सभी जिलों में रैपिड मिल्क टेस्टिंग किट उपलब्ध कराई गई है। इनके जरिए दूध और दुग्ध उत्पादों की मौके पर प्रारंभिक जांच की जा रही है। विभाग का उद्देश्य मिलावट के प्रति लोगों को जागरूक करना और खाद्य सुरक्षा को मजबूत करना है।

भोपाल में कई डेयरियों पर जांच

खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत भोपाल जिले में खाद्य पदार्थों की जांच, निरीक्षण, नमूना संग्रहण और रैपिड किट से प्राथमिक परीक्षण की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में 1 सितंबर 2026 को खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने शहर के विभिन्न प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया।

फ्रेशको डेयरी में पांच नमूनों की जांच

फ्रेशको डेयरी, गांधी मार्केट, पिपलानी भेल में रैपिड किट से गाय के दूध, भैंस के दूध और मिक्स मिल्क के कुल 5 नमूनों की मौके पर प्राथमिक जांच की गई।

मेंडोरी से पनीर के नमूने लिए

केरवा रोड स्थित हाउस नंबर 230, मेंडोरी से काजू पनीर और कढ़ाई पनीर के नमूने लिए गए। इन नमूनों को आगे की जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा।

मथुरा और कृष्णा डेयरी में भी जांच

मथुरा डेयरी, कोटरा सुल्तानाबाद में टीम ने रैपिड किट से दूध की मौके पर प्राथमिक जांच की और दूध का नमूना भी लिया।

वहीं कृष्णा डेयरी, कोलार रोड पर किट के माध्यम से दूध का परीक्षण किया गया। यहां से मिश्रित दूध का नमूना संकलित किया गया।

सील मिली कोहेफिजा की डेयरी

कोहेफिजा क्षेत्र की एक डेयरी में जांच की कार्रवाई नहीं हो सकी। टीम को यह प्रतिष्ठान नगर निगम द्वारा पहले से सील मिला।

लैब रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई

खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार मौके पर रैपिड किट से की गई जांच प्राथमिक परीक्षण है। कार्रवाई के दौरान लिए गए नमूनों को राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। प्रयोगशाला से रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद उसमें मिलावट या खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

लोगों को भी बताए जा रहे मिलावट पहचानने के तरीके

विभाग की टीम जांच के साथ-साथ डेयरी संचालकों, विक्रेताओं और ग्राहकों को भी दूध तथा दुग्ध उत्पादों में मिलावट को लेकर जागरूक कर रही है। अधिकारियों द्वारा आम लोगों को खाद्य पदार्थों की प्राथमिक जांच और मिलावट से बचने के तरीकों की जानकारी दी जा रही है।

विभाग का कहना है कि खाद्य सुरक्षा के लिए जांच और जनजागरूकता अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

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