भोपाल में जल्द लागू हो सकता है मास्टर प्लान, सीलिंग कार्रवाई के विरोध के बीच व्यापारियों ने तेज की मांग

भोपाल, 1 सितंबर। राजधानी भोपाल में मास्टर प्लान लागू किए जाने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। आवासीय कॉलोनियों में व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ नगर निगम की सीलिंग कार्रवाई शुरू होने के बाद व्यापारियों और जनप्रतिनिधियों ने मास्टर प्लान लागू करने की मांग उठाई है। शहर में चर्चा है कि सरकार कृष्ण जन्माष्टमी के बाद मास्टर प्लान को लेकर कोई निर्णय ले सकती है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
2031 के मास्टर प्लान पर टिकी निगाहें
भोपाल के लिए वर्ष 2020 में तैयार किए गए 2031 के मास्टर प्लान को लागू करने की मांग लंबे समय से होती रही है। माना जा रहा है कि यदि सरकार इसी मौजूदा मास्टर प्लान को लागू करती है तो प्रक्रिया अपेक्षाकृत जल्द आगे बढ़ सकती है। वहीं, यदि भविष्य की जरूरतों को देखते हुए 2047 की दीर्घकालिक योजना के आधार पर नया प्लान तैयार करने का फैसला होता है, तो इसमें अधिक समय लग सकता है।
मास्टर प्लान लागू होने से भोपाल के आसपास के करीब 254 गांवों के नियोजित विकास का रास्ता खुलने की उम्मीद जताई जा रही है। इससे भूमि उपयोग, आवासीय और व्यावसायिक गतिविधियों तथा शहर के विस्तार को लेकर स्पष्टता आ सकती है।
सीलिंग कार्रवाई के बाद बढ़ा दबाव
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में नगर निगम ने आवासीय क्षेत्रों में संचालित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ सीलिंग कार्रवाई शुरू की है। कार्रवाई के बाद व्यापारी संगठनों ने विरोध तेज कर दिया है। व्यापारियों का कहना है कि वर्षों से जिन क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं, वहां स्पष्ट नीति बनाई जानी चाहिए।
इसी के साथ व्यापारी संगठनों ने सीलिंग कार्रवाई रोकने के अलावा भोपाल का मास्टर प्लान जल्द लागू करने की मांग भी तेज कर दी है। उनका तर्क है कि मास्टर प्लान लागू होने से शहर के विकास और भूमि उपयोग को लेकर कई मौजूदा विवादों का समाधान हो सकता है।
जनप्रतिनिधियों पर भी बढ़ा दबाव
मास्टर प्लान को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई जनप्रतिनिधि भी सरकार के सामने अपनी मांग रख रहे हैं। सीलिंग कार्रवाई से प्रभावित व्यापारियों के विरोध के बीच जनप्रतिनिधियों पर भी अपने क्षेत्र के व्यापारियों और नागरिकों की मांगों को सरकार तक पहुंचाने का दबाव बढ़ा है।
फिलहाल मास्टर प्लान को लेकर सरकार की ओर से कोई अंतिम घोषणा नहीं हुई है। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार 2031 के तैयार मास्टर प्लान को लागू करती है या भोपाल के भविष्य के विकास को ध्यान में रखते हुए 2047 की दीर्घकालिक योजना के अनुरूप नई प्रक्रिया शुरू करती है।





