20 पासबुक, 23 ATM कार्ड और 104 सिम कार्ड बरामद; करीब 35 करोड़ की साइबर धोखाधड़ी से जुड़े मिले म्यूल बैंक खाते, 28 लाख की ठगी का भी खुलासा
भोपाल, 24 अगस्त 2026। मध्यप्रदेश के छतरपुर में साइबर ठगी के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग मामलों में 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में म्यूल बैंक खातों के जरिए साइबर ठगी की रकम को इधर-उधर करने वाले अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा हुआ है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 20 बैंक पासबुक, 23 एटीएम कार्ड, 104 सिम कार्ड और मोबाइल फोन बरामद किए हैं। जांच में बरामद बैंक खातों का संबंध विभिन्न राज्यों में दर्ज करीब 35 करोड़ रुपये की साइबर धोखाधड़ी से जुड़े मामलों से मिला है।
म्यूल बैंक खातों के नेटवर्क का खुलासा
कोतवाली पुलिस को राजनगर रोड फोरलेन ओवरब्रिज के पास म्यूल बैंक खाते उपलब्ध कराने की सूचना मिली थी। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर एक संदिग्ध को पकड़ा। तलाशी में उसके पास से विभिन्न बैंकों की 20 पासबुक, 23 एटीएम कार्ड, अलग-अलग कंपनियों के 104 सिम कार्ड और दो मोबाइल फोन मिले।
पुलिस के अनुसार बरामद दस्तावेजों और तकनीकी पोर्टल की जांच में कई बैंक खाते और सिम कार्ड बिहार, दिल्ली, राजस्थान, कर्नाटक, गुजरात, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, केरल और पंजाब सहित कई राज्यों में दर्ज साइबर धोखाधड़ी के मामलों से जुड़े मिले।
37.80 लाख की ठगी से भी जुड़ा खाता
जांच में तमिलनाडु में एक महिला से करीब 37.80 लाख रुपये की साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के मामले में भी बरामद बैंक खातों में से एक खाते का लिंक सामने आया। पुलिस के मुताबिक ठगी की रकम का एक हिस्सा इस खाते में ट्रांजेक्शन हुआ था।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों द्वारा लोगों को लालच देकर उनके बैंक खाते लिए जाते थे। इन म्यूल खातों के साथ फर्जी सिम का इस्तेमाल कर साइबर ठगी की रकम का लेन-देन कराया जाता था। मामले में खाता उपलब्ध कराने वाले आरोपी और कियोस्क संचालक समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
टेलीग्राम पर 28 लाख की साइबर ठगी
दूसरे मामले में खजुराहो थाना क्षेत्र में टेलीग्राम ऐप के जरिए रेटिंग बढ़ाने और पैसे दोगुने करने का लालच देकर 28 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी की गई थी। शिकायत के बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, बैंक खातों और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन का विश्लेषण किया।
जांच में नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव के एक गिरोह का नाम सामने आया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनके पास से एटीएम कार्ड, बैंक खाते खोलने में इस्तेमाल किए गए दो मोबाइल फोन और 38 हजार रुपये नकद बरामद हुए। संबंधित बैंक खातों में 1.50 लाख रुपये फ्रीज कराए गए हैं।
80 लाख के संदिग्ध लेन-देन का पता
पुलिस जांच में आरोपियों द्वारा Instagram पर विज्ञापन के जरिए बैंक खाते किराए पर लेने की बात सामने आई। ठगी की रकम इन खातों में जमा कराने के बाद उसे दूसरे खातों में ट्रांसफर कर निकाला जाता था। पुलिस के अनुसार इसके बाद रकम को क्रिप्टोकरेंसी में बदल दिया जाता था।
तकनीकी और बैंक खातों के विश्लेषण में अब तक करीब 80 लाख रुपये के संदिग्ध साइबर लेन-देन का पता चला है। इनसे जुड़े उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, तेलंगाना, तमिलनाडु, दिल्ली, बिहार और झारखंड सहित कई राज्यों में करीब 50 साइबर शिकायतें दर्ज मिली हैं।
पुलिस की अपील- खाता और सिम किसी को न दें
छतरपुर पुलिस दोनों मामलों में आरोपियों से पूछताछ कर रही है। पुलिस अन्य आरोपियों, म्यूल बैंक खातों, फर्जी सिम और संदिग्ध लेन-देन की जानकारी जुटा रही है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि लालच में आकर अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, सिम या बैंकिंग जानकारी किसी को न दें। इनका इस्तेमाल साइबर अपराध में होने पर खाता उपलब्ध कराने वाला व्यक्ति भी कानूनी कार्रवाई की जद में आ सकता है। साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर सूचना देने या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई है।
