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कोलार, अरेरा कॉलोनी, गौतम नगर और सुभाष नगर में 109 व्यावसायिक प्रतिष्ठान सील

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद नगर निगम की बड़ी कार्रवाई, शहर के सभी छह विधानसभा क्षेत्रों में पहुंची टीमें

ोपाल, 31 अगस्त। राजधानी में आवासीय क्षेत्रों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ नगर निगम ने सोमवार से फिर बड़े स्तर पर सीलिंग कार्रवाई शुरू कर दी। भवन अनुज्ञा शाखा की टीमों ने पुलिस बल की मौजूदगी में शहर के अलग-अलग इलाकों में कार्रवाई करते हुए करीब 109 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सील किया। कुछ संचालकों ने कार्रवाई से पहले ही अपने प्रतिष्ठान बंद कर दिए, जबकि अन्य जगहों पर निगम की टीमों ने मौके पर पहुंचकर सीलिंग की कार्रवाई की।

यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में की जा रही है। अरेरा कॉलोनी के रहवासियों की याचिका पर सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने आवासीय क्षेत्रों में नियमों के विपरीत चल रही व्यावसायिक गतिविधियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद नगर निगम ने अरेरा कॉलोनी और रोहित नगर समेत शहर के अन्य आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने वालों को नोटिस जारी किए थे।

15 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में देना है जवाब

नगर निगम को सुप्रीम कोर्ट में 15 सितंबर को कार्रवाई और अनुपालन की जानकारी प्रस्तुत करनी है। इसके चलते निगम ने कार्रवाई तेज कर दी है। निगम के सामने बड़ी संख्या में आवासीय भवनों में संचालित व्यावसायिक गतिविधियों पर कार्रवाई करने की चुनौती है। निगम के अनुसार, शहर में करीब 60 हजार प्रतिष्ठानों को नोटिस दिए जाने की प्रक्रिया चल रही है।

इस कार्रवाई को लेकर पिछले दिनों व्यापारियों और विभिन्न संगठनों ने विरोध प्रदर्शन भी किए थे। व्यापारियों का कहना था कि कई प्रतिष्ठानों से नगर निगम लंबे समय से व्यावसायिक कर वसूल रहा है और कई जगह व्यावसायिक बिजली कनेक्शन भी हैं। इसके बावजूद अब कार्रवाई किए जाने से छोटे कारोबारियों और लघु उद्योगों पर असर पड़ेगा।

पुलिस के सहयोग से कई प्रतिष्ठान सील

सोमवार को निगम की टीमों ने गौतम नगर, खानूगांव, डीआईजी बंगला, मिसरोद और रचना नगर समेत कई इलाकों में कार्रवाई की। रचना नगर में ग्लांस लॉन सिस्टम गोदाम, होटल एंड गुड फूड तथा डांस एंड जुम्बा क्लासेस पर भी कार्रवाई की गई। वहीं अरेरा कॉलोनी स्थित कुनबी समाज कॉम्प्लेक्स और कोलार स्थित राधिका पैलेस होटल को भी पुलिस के सहयोग से सील किया गया।

पहले 10 दिन, फिर 24 घंटे का नोटिस

निगम अधिकारियों के अनुसार, कार्रवाई से पहले संबंधित भवन स्वामियों और कब्जाधारियों को अवैध अधिभोग और नियम विरुद्ध कब्जा हटाने के लिए नगर पालिक निगम अधिनियम की धारा 11 और धारा 303(1) के तहत 10 दिन का सूचना पत्र जारी किया गया था। निर्धारित अवधि में कार्रवाई नहीं होने पर 17 अगस्त से कई मामलों में 24 घंटे का नोटिस दिया गया। नोटिस की अवधि पूरी होने के बाद भी गतिविधियां जारी रहने पर निगम की टीमों ने सोमवार को सीलिंग की कार्रवाई की।

शहर के सभी छह विधानसभा क्षेत्रों में कार्रवाई

सोमवार को नगर निगम की टीमें भोपाल के सभी छह विधानसभा क्षेत्रों में पहुंचीं। इनमें उत्तर, नरेला, दक्षिण-पश्चिम, मध्य, गोविंदपुरा और हुजूर विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं। निगम के अनुसार, इन सभी क्षेत्रों में मिलाकर 109 आवासीय भवनों में संचालित व्यावसायिक गतिविधियां बंद कराई गईं।

हजारों नोटिस के बाद अब सीलिंग की कार्रवाई

आवासीय भवनों में व्यावसायिक गतिविधियों और नियम विरुद्ध निर्माण के खिलाफ नगर निगम ने अगस्त में बड़ी संख्या में नोटिस जारी किए थे। रविवार को भी कई प्रतिष्ठानों पर 24 घंटे के नोटिस चस्पा किए गए। इसके बाद सोमवार सुबह निगम की टीमें पुलिस बल के साथ मैदान में उतरीं और नोटिस के बावजूद गतिविधियां जारी रखने वाले प्रतिष्ठानों को सील किया।

अरेरा कॉलोनी में व्यापारियों ने जताया विरोध

ई-3 अरेरा कॉलोनी में आठ दुकानों पर सीलिंग की कार्रवाई की गई। यहां व्यापारियों ने कार्रवाई का विरोध किया। व्यापारी संजय जैन ने कहा कि नगर निगम लंबे समय से उनसे व्यावसायिक कर लेता रहा है और कई घरों में व्यावसायिक बिजली मीटर भी लगे हैं। उन्होंने कहा कि छोटे स्तर पर नमकीन और अन्य लघु उद्योग चलाने वाले लोगों के सामने अब रोजगार का संकट पैदा हो सकता है।

एमएसएमई और लघु उद्योगों पर असर की चिंता

व्यापारियों का कहना है कि केंद्र और राज्य सरकार की एमएसएमई तथा लघु उद्योगों से जुड़ी योजनाओं के तहत कई छोटे कारोबार घरों से संचालित होते हैं। ऐसे में आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों पर व्यापक कार्रवाई से छोटे कारोबारियों और युवाओं पर असर पड़ सकता है। व्यापारियों ने सरकार से ऐसी गतिविधियों के लिए स्पष्ट नीति बनाने की मांग की है।

व्यापारी नाराज, कुछ रहवासी कार्रवाई के पक्ष में

सीलिंग कार्रवाई को लेकर शहर में अलग-अलग राय सामने आई है। व्यापारी संगठन के अध्यक्ष आनंद सोनी ने कार्रवाई को गलत बताते हुए कहा कि नीतिगत कमियों का खामियाजा व्यापारियों को भुगतना पड़ रहा है। दूसरी ओर कुछ रहवासियों ने आवासीय क्षेत्रों में नियमों के विपरीत चल रही व्यावसायिक गतिविधियों पर कार्रवाई का समर्थन किया। उनका कहना है कि घरों और कॉलोनियों के बीच चल रहे कारोबार से यातायात, पार्किंग और शोर जैसी समस्याएं बढ़ती हैं।

गलियों, हरित पट्टी और तालाब किनारे भी होगी जांच

नगर निगम की कार्रवाई अब केवल मुख्य सड़कों तक सीमित नहीं रहेगी। निगम की टीमें गलियों, नदी-तालाब के किनारे, हरित पट्टी और बफर जोन में बने भवनों की भी जांच करेंगी। इसके अलावा नियम विरुद्ध संचालित मैरिज गार्डनों के खिलाफ भी नोटिस और कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

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