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एम्स भोपाल में फोटोग्राफी कार्यशाला, तस्वीरों के जरिए रचनात्मकता और खुशहाली को बढ़ावा

दो दिवसीय कार्यशाला में 22 प्रतिभागियों ने सीखी फोटोग्राफी की बारीकियां, परिसर में हुआ फोटो वॉक

भोपाल। एम्स भोपाल के स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र की ओर से कर्मचारियों और संकाय सदस्यों के लिए दो दिवसीय फोटोग्राफी कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का उद्देश्य फोटोग्राफी के माध्यम से प्रतिभागियों की रचनात्मकता बढ़ाने के साथ उन्हें अपने आसपास के वातावरण और प्रकृति को ध्यान से देखने का अवसर देना था।

पेशेवर फोटोग्राफर वीरेंद्र अधिकारी ने फोटोग्राफी मेंटर के रूप में प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया। कार्यशाला के दौरान उन्होंने अच्छी तस्वीर लेने के लिए जरूरी तकनीकों और रचनात्मक दृष्टिकोण की जानकारी दी।

22 प्रतिभागियों ने सीखी फोटोग्राफी की बारीकियां

कार्यशाला के पहले दिन व्याख्यान कक्ष-5 में सत्र आयोजित किया गया। इसमें कुल 22 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इनमें दो संकाय सदस्य और 20 कर्मचारी शामिल थे।

प्रतिभागियों को फोटोग्राफी की मूल बातें समझाई गईं। उन्हें तस्वीर की रचना, फ्रेमिंग, अलग-अलग कोण और दृष्टिकोण के इस्तेमाल के साथ प्रकाश का सही उपयोग करने के बारे में बताया गया। इसके अलावा रोजमर्रा की सामान्य चीजों और आसपास के वातावरण में छिपी सुंदरता को रचनात्मक नजरिए से देखने के तरीके भी बताए गए।

परिसर में आयोजित हुआ फोटो वॉक

कार्यशाला के दूसरे दिन एम्स भोपाल परिसर में फोटो वॉक आयोजित की गई। प्रतिभागियों ने परिसर में घूमकर विभिन्न स्थानों और प्राकृतिक दृश्यों की तस्वीरें लीं। इस दौरान उन्होंने पहले दिन सीखी गई तकनीकों को व्यावहारिक रूप से आजमाया।

फोटो वॉक के माध्यम से प्रतिभागियों को फोटोग्राफी सीखने के साथ अपने आसपास के वातावरण को नए और रचनात्मक नजरिए से देखने का अवसर भी मिला।

मानसिक सुकून और सकारात्मक सोच में मदद

कार्यशाला का माहौल रचनात्मक और आनंददायक रहा। फोटोग्राफी जैसी गतिविधि ने प्रतिभागियों को रोजमर्रा की व्यस्तता से कुछ समय निकालकर प्रकृति और आसपास के वातावरण पर ध्यान केंद्रित करने का अवसर दिया।

एम्स भोपाल के स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र के अनुसार इस पहल से प्रतिभागियों की रचनात्मकता, सजगता और अवलोकन क्षमता को बढ़ावा मिला। साथ ही सकारात्मक सोच और मानसिक सुकून के लिए भी यह गतिविधि उपयोगी रही। केंद्र की यह पहल कर्मचारियों और संकाय सदस्यों के समग्र स्वास्थ्य एवं कल्याण को बढ़ावा देने की दिशा में एक सकारात्मक प्रयास है।

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