भोपाल-स्मोलेंस्क सिस्टर सिटी परियोजना को मिली नई गति, क्रिकेट विकास के लिए भारत-रूस के बीच ऐतिहासिक एमओयू

एफएमपीसीसीआई और स्मोलेंस्क रीजन क्रिकेट फेडरेशन मिलकर विकसित करेंगे एकीकृत क्रिकेट इकोसिस्टम

भोपाल, 3 जून 2026। भारत और रूस के बीच खेल सहयोग को नई दिशा देते हुए **** तथा **** के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। यह समझौता प्रस्तावित **** के अंतर्गत क्रिकेट के विकास और खेल आधारित आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया गया है।

एमओयू पर एफएमपीसीसीआई के अध्यक्ष **** और स्मोलेंस्क रीजन क्रिकेट फेडरेशन के अध्यक्ष **** ने हस्ताक्षर किए।

क्रिकेट के जरिए मजबूत होंगे भारत-रूस संबंध

यह समझौता भोपाल-स्मोलेंस्क सिस्टर सिटी परियोजना की पहली प्रमुख उपलब्धियों में शामिल माना जा रहा है। मई 2025 में दोनों शहरों के महापौरों द्वारा हस्ताक्षरित आशय पत्र के बाद यह पहल संस्कृति, शिक्षा, खेल, पर्यटन, व्यापार और आर्थिक विकास के क्षेत्रों में सहयोग को नई मजबूती प्रदान करेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की तेजी से बढ़ती खेल अर्थव्यवस्था और मध्यप्रदेश में खेल उद्योग की संभावनाओं को देखते हुए यह साझेदारी खेल आधारित उद्यमिता, रोजगार और निवेश को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

क्रिकेट इकोसिस्टम के विकास पर रहेगा फोकस

एमओयू के तहत एफएमपीसीसीआई स्मोलेंस्क रीजन क्रिकेट फेडरेशन के लिए नॉलेज एवं इकोसिस्टम डेवलपमेंट पार्टनर के रूप में कार्य करेगा। दोनों संस्थाएं मिलकर क्रिकेट और उससे जुड़े उद्योगों के विभिन्न हितधारकों के बीच सहयोग विकसित करेंगी।

इस सहयोग के अंतर्गत क्रिकेट उपकरण निर्माण, खेल अवसंरचना, कोचिंग, स्पोर्ट्स एनालिटिक्स, डिजिटल स्पोर्ट्स सॉल्यूशंस, खेल अकादमियों, शैक्षणिक संस्थानों और कॉर्पोरेट संगठनों के साथ साझेदारी को बढ़ावा दिया जाएगा।

खेल उद्यमिता और स्टार्टअप्स को मिलेगा प्रोत्साहन

इस पहल के तहत खेल क्षेत्र में नवाचार, स्टार्टअप्स और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे। साथ ही क्रिकेट लीग, अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताएं, एक्सचेंज प्रोग्राम और स्पोर्ट्स टूरिज्म गतिविधियों का भी आयोजन किया जाएगा।

इसके अलावा खेल विनिर्माण, मीडिया, मर्चेंडाइजिंग, फिटनेस सेवाओं, प्रतिभा प्रबंधन और तकनीकी समाधान जैसे क्षेत्रों में नए अवसर विकसित किए जाएंगे, जिससे युवाओं और उद्योग जगत को लाभ मिलेगा।

दोनों पक्षों ने जताया सहयोग का भरोसा

एफएमपीसीसीआई अध्यक्ष हिमांशु खरे ने कहा कि यह साझेदारी केवल क्रिकेट तक सीमित नहीं है, बल्कि उद्योग, शिक्षा, खेल और नवाचार के क्षेत्रों में भी दोनों देशों को जोड़ने का माध्यम बनेगी। उनका कहना है कि इस पहल से रोजगार, निवेश और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।

वहीं स्मोलेंस्क रीजन क्रिकेट फेडरेशन के अध्यक्ष एवगेनी ज़ाखारचेंकोव ने कहा कि भारत क्रिकेट का वैश्विक केंद्र है और रूस भारतीय अनुभवों से सीखते हुए अपने यहां क्रिकेट के विकास के लिए नए अवसर तैयार करेगा।

खेल आधारित आर्थिक विकास को मिलेगी नई दिशा

विशेषज्ञों के अनुसार यह एमओयू भारत और रूस के बीच खेल कूटनीति को मजबूत करने के साथ-साथ खेल उद्योग, पर्यटन, शिक्षा और व्यापार के क्षेत्र में भी नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा। इससे स्टार्टअप्स, खेल पेशेवरों, शैक्षणिक संस्थानों, तकनीकी कंपनियों और निवेशकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग के नए अवसर प्राप्त होंगे।

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