
भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा में 30 और 31 मार्च 2026 को आयोजित दो दिवसीय युवा विधायक सम्मेलन में वितरित ‘विकास और सेवा के 2 वर्ष’ पुस्तिका में स्कूल शिक्षा विभाग से जुड़ी जानकारी को लेकर कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने पुस्तिका में प्रकाशित आंकड़ों की जांच कराने और यदि जानकारी गलत पाई जाती है तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
जयवर्धन सिंह ने इस संबंध में मुख्यमंत्री कार्यालय, मुख्य सचिव कार्यालय, स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव और विधानसभा सचिवालय को पत्र भेजा है। उनका कहना है कि पुस्तिका में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के अभिभाषण और सरकार की उपलब्धियों का विवरण प्रकाशित किया गया है, इसलिए इसमें दिए गए आंकड़ों की तथ्यात्मकता महत्वपूर्ण है।
परीक्षा परिणाम से पहले लैपटॉप और स्कूटी योजना के आंकड़े कैसे?
कांग्रेस विधायक ने पुस्तिका के पृष्ठ क्रमांक 59 पर स्कूल शिक्षा विभाग से संबंधित जानकारी को लेकर विशेष आपत्ति जताई है। उनके अनुसार, पुस्तिका में वर्ष 2025-26 की स्थिति बताते हुए लैपटॉप और स्कूटी योजना से विद्यार्थियों को लाभ मिलने की जानकारी दी गई है।
जयवर्धन सिंह ने सवाल किया कि कक्षा 12वीं के परीक्षा परिणाम 30-31 मार्च 2026 तक घोषित नहीं हुए थे, तो फिर 2025-26 के विद्यार्थियों को इन योजनाओं का लाभ दिए जाने से संबंधित आंकड़े पुस्तिका में किस आधार पर प्रकाशित किए गए।
उन्होंने मांग की है कि इन आंकड़ों का स्रोत, आधार और सत्यापन रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। उनका कहना है कि यदि आंकड़े किसी दूसरे वर्ष के विद्यार्थियों से संबंधित हैं और उन्हें 2025-26 की स्थिति बताकर प्रकाशित किया गया है, तो इससे भ्रम की स्थिति पैदा होती है।
‘शून्य शिक्षक’ और एक शिक्षक वाले स्कूलों का मुद्दा
जयवर्धन सिंह ने प्रदेश में शिक्षकों की कमी को लेकर भी सरकार के दावों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कुछ स्कूलों में शून्य शिक्षक अथवा केवल एक शिक्षक के आधार पर संचालन की स्थिति सामने आती रही है।
विधायक ने सवाल किया कि जब कई विद्यालयों में शिक्षकों की कमी एक चुनौती बनी हुई है, तब सरकार की उपलब्धियों वाली पुस्तिका में शिक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति को किस तरह प्रस्तुत किया गया है।
परीक्षा परिणामों में सुधार के दावे का भी मांगा आधार
कांग्रेस विधायक ने पुस्तिका में 2023-24 की तुलना में 2024-25 के परीक्षा परिणामों में वृद्धि से संबंधित दावे का आधार भी मांगा है।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार परीक्षा परिणामों में सुधार को उपलब्धि के तौर पर प्रस्तुत कर रही है तो वर्षवार परीक्षा परिणाम, उत्तीर्ण प्रतिशत, विद्यार्थियों की संख्या और संबंधित विभागीय रिपोर्ट भी सार्वजनिक की जानी चाहिए। इससे सरकार के दावों का तथ्यात्मक आधार स्पष्ट हो सकेगा।
मुख्यमंत्री के अभिभाषण से जुड़ी पुस्तिका होने का दिया हवाला
जयवर्धन सिंह ने कहा कि ‘विकास और सेवा के 2 वर्ष’ सामान्य प्रचार सामग्री नहीं है। इसमें मुख्यमंत्री के अभिभाषण और सरकार की उपलब्धियों का विवरण दिया गया है और इसे युवा विधायक सम्मेलन जैसे महत्वपूर्ण मंच पर वितरित किया गया।
उन्होंने कहा कि ऐसी पुस्तिका में प्रकाशित आंकड़ों का सत्यापन होना जरूरी है। यदि विभागीय स्तर पर बिना जांच के आंकड़े उपलब्ध कराए गए और वे पुस्तिका में प्रकाशित हुए हैं तो जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
जयवर्धन सिंह ने सरकार से मांग की है कि पुस्तिका में स्कूल शिक्षा विभाग से संबंधित सभी आंकड़ों की तथ्यात्मक जांच कराई जाए, वास्तविक स्रोत सार्वजनिक किए जाएं और गलत जानकारी दिए जाने की स्थिति में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।





