बिहार: घर में घुसा ‘करोड़ों’ का उल्लू, अजीब आवाज सुनकर परिवार की खुली नींद, वन विभाग भी चौंका

बिहार। रात के सन्नाटे को चीरती एक अजीब आवाज… और जब घरवाले पहुंचे उस कमरे में, तो आंखें फटी की फटी रह गईं। सामने बैठा था एक बेहद दुर्लभ और कीमती उल्लू – जिसे विशेषज्ञों ने ‘रात का राजा’ बताया और अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव बाजार में जिसकी कीमत लाखों से करोड़ों तक आंकी जाती है।
यह चौंकाने वाली घटना बिहार के एक कस्बे में सामने आई है, जहां बीती रात एक परिवार को घर के भीतर से रहस्यमयी आवाजें सुनाई दीं। पहले तो उन्होंने सोचा कि कोई जानवर होगा, लेकिन जब कमरे का दरवाजा खोला, तो एक सुंदर, चमकदार आंखों वाला दुर्लभ प्रजाति का उल्लू कमरे में बैठा मिला।
क्या था खास इस उल्लू में?
जानकारी के अनुसार यह उल्लू सामान्य प्रजाति का नहीं, बल्कि ‘Eurasian Eagle Owl’ या ‘Forest Eagle Owl’ जैसा कोई दुर्लभ पक्षी था। इसकी आंखें चमकीली नारंगी, शरीर भारी और पंख घने थे। यह प्रजाति अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संरक्षित है और इसका अवैध व्यापार प्रतिबंधित है।
वन विभाग की टीम ने किया रेस्क्यू
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। उन्होंने उल्लू को सुरक्षित पकड़ा और वन्यजीव केंद्र में ले जाया गया। अधिकारियों के अनुसार, यह उल्लू या तो रास्ता भटक कर यहां पहुंचा या किसी तस्करी से बच निकला।
क्यों है इतनी महंगी ये प्रजाति?
इस तरह के उल्लुओं का इस्तेमाल कुछ देशों में काला जादू, तांत्रिक अनुष्ठान और अवैध औषधीय व्यापार के लिए किया जाता है।हालांकि भारत में इस पर सख्त पाबंदी है और वन्य जीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत इसे पकड़ना या पालना गैरकानूनी है। बाजार में इनकी कीमत 10 लाख से 1 करोड़ रुपये तक बताई जाती है।
निष्कर्ष: जो उल्लू कभी अशुभ माना जाता था, वही अब करोड़ों की संपत्ति जैसा निकला। यह घटना न सिर्फ रोमांचक है, बल्कि हमें यह भी सिखाती है कि प्रकृति के हर जीव का अपना मूल्य और महत्व है। ऐसे किसी दुर्लभ पक्षी को देखने पर तुरंत वन विभाग को सूचित करना चाहिए।





