ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पश्चिमी वायु कमान का नेतृत्व कर चुके हैं जितेंद्र मिश्रा, स्वामी गोविंद देव गिरी बने नए महासचिव
अयोध्या, 2 सितंबर 2026। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर के संचालन और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को मजबूत करने के लिए बड़ा फैसला लिया है। ट्रस्ट ने रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को मंदिर का पहला मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) नियुक्त किया है। वहीं, स्वामी गोविंद देव गिरी को ट्रस्ट का नया महासचिव बनाया गया है।
अयोध्या की मणिरामदास छावनी में महंत नृत्यगोपाल दास की अध्यक्षता में हुई ट्रस्ट की बैठक में इन नियुक्तियों का फैसला लिया गया। जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति के साथ राम मंदिर ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे में पहली बार CEO का पद औपचारिक रूप से शामिल हुआ है।
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान संभाली थी पश्चिमी वायु कमान की कमान
जितेंद्र मिश्रा भारतीय वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारी रहे हैं। वे एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, वेस्टर्न एयर कमांड के पद पर रह चुके हैं और मई 2025 में हुए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पश्चिमी वायु कमान का नेतृत्व कर रहे थे। वे 30 अप्रैल 2026 को वायुसेना से सेवानिवृत्त हुए।
करीब चार दशक के सैन्य करियर में मिश्रा ने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। उन्हें सरवोत्तम युद्ध सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल और विशिष्ट सेवा मेडल सहित कई सैन्य सम्मान मिल चुके हैं। उन्होंने 18 से अधिक प्रकार के विमानों पर 3,000 से ज्यादा घंटे उड़ान का अनुभव भी हासिल किया है।
5,500 से ज्यादा आवेदनों के बाद हुआ चयन
राम मंदिर ट्रस्ट के CEO पद के लिए बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए थे। रिपोर्टों के अनुसार करीब 5,585 आवेदन आए थे। स्क्रीनिंग और चयन की कई चरणों की प्रक्रिया के बाद 16 उम्मीदवारों का आमने-सामने इंटरव्यू हुआ। अंतिम चरण में तीन नाम सामने आए, जिनमें जितेंद्र मिश्रा का चयन किया गया।
CEO के तौर पर मिश्रा मंदिर ट्रस्ट की प्रशासनिक व्यवस्था, संचालन और अनुपालन से जुड़े कार्यों की जिम्मेदारी संभालेंगे।
गोविंद देव गिरी बने ट्रस्ट के नए महासचिव
ट्रस्ट ने स्वामी गोविंद देव गिरी को नया महासचिव नियुक्त किया है। इससे पहले वे ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। उन्होंने चंपत राय की जगह महासचिव का पद संभाला है। चंपत राय के इस्तीफे के बाद कृष्ण मोहन अंतरिम महासचिव के तौर पर जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
बैठक में ट्रस्ट में तीन नए सदस्यों को शामिल करने का भी निर्णय लिया गया। इनमें महेश भागचंदका, मदन मोहन पांडेय और डॉ. निर्मला यादव शामिल हैं। महेश भागचंदका कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है।
राम मंदिर ट्रस्ट में हुए इन बदलावों को मंदिर की बढ़ती व्यवस्थाओं, प्रशासनिक संचालन और वित्तीय प्रबंधन को अधिक व्यवस्थित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
