भाषणों में औरंगज़ेब का विरोध, लेकिन सरकारी रिकॉर्ड में संरक्षण पर लाखों खर्च; कांग्रेस और भाजपा के कार्यकाल के खर्च की तुलना चर्चा में
नई दिल्ली। औरंगज़ेब के नाम पर राजनीतिक बयानबाजी करने वाली भाजपा सरकार के कार्यकाल में महाराष्ट्र के खुल्दाबाद स्थित उसके मकबरे के रखरखाव और संरक्षण पर कांग्रेस की यूपीए सरकार की तुलना में करीब 4.8 गुना अधिक सरकारी खर्च होने का दावा सामने आया है। RTI से प्राप्त आंकड़ों के हवाले से किए जा रहे इस दावे ने राजनीतिक बहस को नया मुद्दा दे दिया है।
दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, कांग्रेस नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के 2004 से 2014 तक के दस वर्षों में मकबरे के रखरखाव, सुरक्षा, मरम्मत और संरक्षण पर कुल 2,54,128 रुपये खर्च किए गए।
वहीं, भाजपा नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के 2014 से 2025 तक के 11 वर्षों में यह खर्च बढ़कर 12,24,104 रुपये बताया गया है। इस तरह दोनों कार्यकालों के कुल खर्च की तुलना करें तो एनडीए सरकार के दौरान करीब 4.8 गुना अधिक राशि खर्च होने का दावा किया जा रहा है।
भाजपा से उठ रहे सवाल
भाजपा नेताओं की ओर से कई बार औरंगज़ेब के शासन और ऐतिहासिक विरासत को लेकर तीखी बयानबाजी की जाती रही है। वहीं, कांग्रेस पर मुस्लिम तुष्टीकरण के आरोप भी लगाए जाते हैं।
ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जिस ऐतिहासिक व्यक्तित्व को भाजपा राजनीतिक भाषणों में निशाने पर रखती है, उसी के मकबरे के संरक्षण पर उसके शासनकाल में अधिक सरकारी खर्च क्यों हुआ?
हालांकि, ऐतिहासिक स्मारकों का संरक्षण सरकारी जिम्मेदारी का हिस्सा है। किसी स्मारक पर खर्च होना अपने आप में राजनीतिक समर्थन या किसी ऐतिहासिक शासक का महिमामंडन नहीं माना जा सकता।
खर्च के आंकड़ों की पुष्टि जरूरी
दिए गए विवरण में 2020-21 में 2,55,050 रुपये, 2021-22 में 2,55,160 रुपये, 2022-23 में 2,00,636 रुपये और 2024-25 में 5,35,988 रुपये खर्च होने का उल्लेख है।
इन चार वर्षों का कुल खर्च 12,46,834 रुपये होता है, जो बताए गए 11 वर्षों के कुल खर्च 12,24,104 रुपये से 22,730 रुपये अधिक है। इसलिए RTI के मूल जवाब और वर्षवार विवरण का मिलान आवश्यक है।
फिलहाल यह मामला राजनीतिक भाषणों और सरकारी खर्च के बीच कथित अंतर को लेकर सवाल खड़े कर रहा है। अंतिम निष्कर्ष से पहले खर्च की आधिकारिक पुष्टि और उसके उद्देश्य को समझना जरूरी है।
