काबिल मत बनो, दलित बनो, सफलता झक मारकर आएगी’ टिप्पणी पर FIR दर्ज करने की मांग, निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
पटना। IIT पटना के रजिस्ट्रार ए.के. ठाकुर द्वारा दलित समाज को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में कांग्रेस नेता आदित्य पासवान ने कानूनी कार्रवाई की पहल की है। उन्होंने सोमवार को गर्दनीबाग स्थित अनुसूचित जाति/जनजाति थाना में ए.के. ठाकुर के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग को लेकर लिखित शिकायत दी। थाना प्रशासन ने शिकायत प्राप्त कर प्रारंभिक जांच के बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए FIR दर्ज करने का आश्वासन दिया है।
आदित्य पासवान ने कहा कि ‘काबिल मत बनो, दलित बनो, सफलता झक मारकर आएगी’ जैसी कथित टिप्पणी केवल दलित समाज का अपमान नहीं है, बल्कि सामाजिक भेदभाव, छुआछूत और असमानता के खिलाफ समाज के लंबे संघर्ष का भी अपमान है। यह उन लाखों दलित परिवारों की मेहनत, त्याग और उम्मीदों को ठेस पहुंचाने वाली है, जो कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने बच्चों को शिक्षित कर सम्मानजनक भविष्य देने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि दलित समाज ने शिक्षा को मुक्ति, आत्मसम्मान और सामाजिक बराबरी का सबसे बड़ा हथियार बनाया है। बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने भी शिक्षा, संगठन और संघर्ष का संदेश दिया था। ऐसे में किसी प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान के जिम्मेदार पद पर बैठे अधिकारी की ओर से इस तरह की टिप्पणी किया जाना गंभीर और चिंताजनक है।
पासवान ने कहा कि दलित होना किसी की कमजोरी, अयोग्यता या सफलता का विकल्प नहीं है। दलित समाज के बच्चे भी अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर देश के सर्वोच्च शैक्षणिक संस्थानों तथा महत्वपूर्ण पदों तक पहुंचने का सपना देखते हैं। ऐसी कथित टिप्पणी उनके आत्मसम्मान और शिक्षा के प्रति विश्वास को चोट पहुंचाती है।
उन्होंने केंद्र सरकार, शिक्षा मंत्रालय और IIT पटना प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।
आदित्य पासवान ने स्पष्ट किया कि यह लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि दलित समाज के सम्मान, शिक्षा के अधिकार, सामाजिक न्याय और संविधान की मूल भावना की रक्षा के लिए है। उन्होंने कहा कि दलित समाज अपने सम्मान और स्वाभिमान के सवाल पर चुप नहीं रहेगा। संविधान प्रदत्त समानता और सम्मान के अधिकारों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक एवं कानूनी संघर्ष जारी रहेगा।
