कर्नाटक विज्ञान मेले में छात्र की प्रस्तुति पर विवाद: ‘बुर्का बनाम छोटे कपड़े’ प्रोजेक्ट ने खींचा ध्यान

कर्नाटक । कर्नाटक के एक विज्ञान मेले में प्रस्तुत की गई एक परियोजना को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इस प्रोजेक्ट में दो गुड़ियों के माध्यम से यह दर्शाने की कोशिश की गई कि ‘बुर्का पहनने वाली गुड़िया स्वर्ग जाती है’ जबकि ‘छोटे कपड़े पहनने वाली गुड़िया ताबूत में सांप-बिच्छुओं के साथ नरक में जाती है।’
विज्ञान प्रदर्शनी में धार्मिक और नैतिक मुद्दों की झलक
इस प्रस्तुति का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद इसे लेकर बहस छिड़ गई। कई लोगों ने इसे ‘भड़काऊ और महिलाओं की स्वतंत्रता पर हमला’ बताया, जबकि कुछ ने इसे धार्मिक सोच का प्रतिबिंब कहा। निजी स्कूल, जिससे इस कार्यक्रम को जोड़ा जा रहा था, ने स्पष्ट किया कि यह प्रोजेक्ट उनके स्कूल में आयोजित नहीं हुआ था और उन्होंने इस वीडियो से खुद को अलग कर लिया।
विवाद पर क्या बोले शिक्षा विभाग और प्रशासन?
शिक्षा विभाग ने इस घटना की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि यह परियोजना किसके निर्देशन में बनाई गई थी। अधिकारियों का कहना है कि स्कूलों में धार्मिक या भेदभावपूर्ण संदेश देने वाली परियोजनाओं की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। इस मामले को लेकर मानवाधिकार संगठनों और महिला संगठनों ने भी कड़ी आपत्ति जताई है।
सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं
कुछ लोगों ने इसे “व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर हमला” बताया। कुछ समूहों ने इसे धार्मिक विचारधारा का प्रचार बताया और कार्रवाई की मांग की। जबकि कुछ लोगों ने इसे “शिक्षा में नैतिक मूल्यों” की झलक बताया।





