एनआरआई ग्राहकों के लिए नई दरें 23 जून 2026 से लागू, लंबी अवधि की बचत को मिलेगा प्रोत्साहन
मुंबई। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने प्रवासी भारतीय (एनआरआई) ग्राहकों के लिए अपनी यूबीआई यूनिक एफसीएनआर (बी) डिपॉजिट योजना पर ब्याज दरों में वृद्धि की है। बैंक के अनुसार, नई ब्याज दरें 23 जून 2026 से प्रभावी हो गई हैं। इस बदलाव का उद्देश्य एनआरआई ग्राहकों को विदेशी मुद्रा जमा पर बेहतर रिटर्न उपलब्ध कराना है।
बैंक ने यह संशोधन भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की एफसीएनआर (बी) डिपॉजिट के लिए अमेरिकी डॉलर-भारतीय रुपये स्वैप सुविधा से संबंधित अधिसूचना के तहत किया है। इसके अंतर्गत अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक 3 से 5 वर्ष की अवधि वाले नए एफसीएनआर (बी) डिपॉजिट और पात्र नवीनीकृत जमा पर संशोधित ब्याज दरें उपलब्ध करा सकते हैं।
1 मिलियन अमेरिकी डॉलर से कम जमा पर नई ब्याज दरें
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के अनुसार, 10 लाख अमेरिकी डॉलर से कम जमा राशि वाले स्लैब में नई ब्याज दरें इस प्रकार होंगी—
3 वर्ष से अधिक और 4 वर्ष से कम अवधि: 6.10% प्रति वर्ष
4 वर्ष से अधिक और 5 वर्ष से कम अवधि: 6.25% प्रति वर्ष
5 वर्ष की अवधि: 6.45% प्रति वर्ष
1 मिलियन अमेरिकी डॉलर या उससे अधिक जमा पर मिलेगा अधिक ब्याज
10 लाख अमेरिकी डॉलर और उससे अधिक राशि वाले एफसीएनआर (बी) डिपॉजिट पर बैंक ने अधिक ब्याज दरों की घोषणा की है—
3 वर्ष से अधिक और 4 वर्ष से कम अवधि: 6.20% प्रति वर्ष
4 वर्ष से अधिक और 5 वर्ष से कम अवधि: 6.40% प्रति वर्ष
5 वर्ष की अवधि: 6.60% प्रति वर्ष
नए और पात्र नवीनीकृत डिपॉजिट पर लागू होंगी दरें
बैंक ने बताया कि संशोधित ब्याज दरें यूबीआई यूनिक एफसीएनआर (बी) डिपॉजिट योजना के तहत किए गए नए जमा पर लागू होंगी। इसके अलावा परिपक्वता के बाद पात्र नवीनीकृत एफसीएनआर (बी) डिपॉजिट पर भी ये नई दरें प्रभावी रहेंगी।
लंबी अवधि की बचत को बढ़ावा देने वाली योजना
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने बताया कि यह योजना लंबी अवधि की बचत को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है। इस योजना में एक वर्ष की लॉक-इन अवधि का प्रावधान है।
बैंक के अनुसार, संशोधित ब्याज दरों के माध्यम से एनआरआई ग्राहकों को आकर्षक विदेशी मुद्रा जमा विकल्प उपलब्ध कराने और उनकी बचत को बेहतर रिटर्न देने की दिशा में यह कदम उठाया गया है।