Union Bank of India: यूनियन बैंक ने जुटाए 600 मिलियन डॉलर, 12 साल बाद अमेरिकी डॉलर बॉन्ड बाजार में वापसी

मुंबई, 31 अगस्त 2026। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने अंतरराष्ट्रीय पूंजी बाजार में बड़ी सफलता हासिल करते हुए 600 मिलियन अमेरिकी डॉलर की राशि जुटाई है। बैंक ने 24 अगस्त 2026 को अपनी दुबई इंटरनेशनल फाइनेंशियल सेंटर (DIFC) शाखा के माध्यम से डुअल ट्रांच Reg S सीनियर अनसिक्योर्ड नोट्स जारी किए। यह बैंक की करीब 12 साल बाद अमेरिकी डॉलर बॉन्ड बाजार में वापसी है।

इस बॉन्ड इश्यू में दो ट्रांच शामिल हैं। पहला 3 साल की अवधि का 300 मिलियन डॉलर और दूसरा 5 साल की अवधि का 300 मिलियन डॉलर है। 3 वर्षीय ट्रांच की परिपक्वता 2029 और 5 वर्षीय ट्रांच की परिपक्वता 2031 में होगी।

करीब 7 गुना सब्सक्रिप्शन

बैंक के मुताबिक इस इश्यू को वैश्विक निवेशकों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली और यह करीब 7 गुना अधिक सब्सक्राइब हुआ। इससे अलग-अलग देशों और निवेशक वर्गों में बैंक के बॉन्ड को लेकर मजबूत मांग का संकेत मिला।

बॉन्ड को S&P ने BBB और Fitch ने BBB- रेटिंग दी है। इन नोट्स को गिफ्ट सिटी आईएफएससी में NSE IX पर सूचीबद्ध किए जाने की उम्मीद है। इन्हें बैंक के सीनियर अनसिक्योर्ड दायित्वों के रूप में संरचित किया गया है।

एशिया के निवेशकों की बड़ी हिस्सेदारी

3 वर्षीय 300 मिलियन डॉलर के ट्रांच में एशिया के निवेशकों को 74 प्रतिशत, EMEA को 25 प्रतिशत और ऑफशोर अमेरिका को 1 प्रतिशत आवंटन मिला। निवेशक वर्ग में फंड मैनेजरों की हिस्सेदारी 78 प्रतिशत और बैंकों की 14 प्रतिशत रही।

वहीं 5 वर्षीय ट्रांच में एशिया को 66 प्रतिशत, EMEA को 33 प्रतिशत और ऑफशोर अमेरिका को 1 प्रतिशत आवंटन किया गया। इसमें फंड मैनेजरों की हिस्सेदारी 72 प्रतिशत, बैंकों की 14 प्रतिशत और बीमा/सॉवरेन वेल्थ फंड (SWF) निवेशकों की 11 प्रतिशत रही।

फंडिंग स्रोतों में विविधता बढ़ेगी

यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के अनुसार, इस सफल लेनदेन से अंतरराष्ट्रीय पूंजी बाजारों तक बैंक की पहुंच और मजबूत होगी। साथ ही बैंक के फंडिंग स्रोतों में विविधता आएगी। बैंक ने कहा कि वैश्विक निवेशकों की मजबूत भागीदारी भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास संभावनाओं और बैंक की रणनीतिक दिशा में उनके भरोसे को दर्शाती है।

इस लेनदेन को बैंक के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है, क्योंकि 12 वर्षों के अंतराल के बाद यूनियन बैंक अमेरिकी डॉलर बॉन्ड बाजार में लौटा है। बैंक के मुताबिक इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी स्थिति और मजबूत हुई है।

इस इश्यू के लिए Barclays Bank PLC, Citigroup, HSBC, Mashreq और Standard Chartered Bank ने संयुक्त वैश्विक समन्वयक और संयुक्त बुक रनर के रूप में काम किया।

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