फरीदाबाद। भारत की आधिकारिक सांख्यिकी प्रणाली और प्रशासनिक तंत्र को तकनीक आधारित बनाने की दिशा में स्टैटाथॉन 2026 का राष्ट्रीय स्तर का ग्रैंड फिनाले हरियाणा के फरीदाबाद स्थित मानव रचना अंतर्राष्ट्रीय अनुसंधान एवं अध्ययन संस्थान (MRIIRS) में शुरू हुआ। 36 घंटे के इस राष्ट्रीय ग्रैंड चैलेंज में देशभर से चयनित 25 फाइनलिस्ट टीमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), डेटा साइंस और विश्लेषणात्मक तकनीकों पर आधारित समाधान विकसित करेंगी।
यह आयोजन सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) द्वारा के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। स्टैटाथॉन का उद्देश्य सरकारी प्रशासन और सुशासन से जुड़ी वास्तविक चुनौतियों के लिए तकनीक आधारित व्यावहारिक समाधान तैयार करना है।
5300 से अधिक प्रविष्टियों में से चुनी गईं 25 टीमें
स्टैटाथॉन 2025-26 को देशभर के विद्यार्थियों से व्यापक प्रतिक्रिया मिली। प्रतियोगिता में 5300 से अधिक प्रविष्टियां प्राप्त हुईं। बहु-स्तरीय मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद करीब 125 विद्यार्थियों वाली 25 टीमों का चयन ग्रैंड फिनाले के लिए किया गया।
चयनित टीमें बहुभाषी डेटा संग्रहण, तेज डेटा प्रोसेसिंग, डेटा सुरक्षा, सांख्यिकीय आंकड़ों के बेहतर प्रसार और प्रशासनिक उपयोगिता से जुड़े विषयों पर एआई आधारित समाधान तैयार कर रही हैं।
नीति-निर्माताओं और विशेषज्ञों ने किया प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन
ग्रैंड फिनाले के उद्घाटन सत्र में , , , और सहित नीति-निर्माता, शिक्षाविद, उद्योग विशेषज्ञ, मेंटर्स और जूरी सदस्य मौजूद रहे।
अधिकारियों ने कहा कि डेटा आधारित निर्णय प्रक्रिया आज शासन व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है। ऐसे मंच युवा प्रतिभाओं को राष्ट्रीय महत्व की समस्याओं के समाधान तैयार करने का अवसर देते हैं।
वास्तविक प्रशासनिक जरूरतों पर आधारित होंगे समाधान
MoSPI के अतिरिक्त महानिदेशक रोहित भारद्वाज ने कहा कि स्टैटाथॉन केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि ऐसे समाधानों को विकसित करने का मंच है जिन्हें वास्तविक सरकारी प्रणालियों में लागू किया जा सके। उन्होंने कहा कि पिछले संस्करणों में विकसित कई विचारों को आगे बढ़ाया गया है और इस बार भी व्यवहारिक, टिकाऊ और बड़े स्तर पर लागू किए जा सकने वाले समाधानों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।
उन्होंने प्रतिभागियों से ऐसे समाधान तैयार करने का आह्वान किया जो भारत की आधिकारिक सांख्यिकी प्रणाली को अधिक मजबूत और प्रभावी बना सकें।
विकसित भारत के लक्ष्य में तकनीक की भूमिका
मानव रचना शैक्षणिक संस्थान के प्रबंध निदेशक राजीव कपूर ने कहा कि स्टैटाथॉन सरकार, शिक्षा जगत, उद्योग और युवा नवप्रवर्तकों के बीच सहयोग का बेहतर उदाहरण है। उन्होंने कहा कि यहां विकसित समाधान डेटा आधारित प्रशासन को मजबूती देने और निर्णय प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने में सहायक हो सकते हैं।
AICTE के सलाहकार एन.एच. सिद्धलिंगा स्वामी ने कहा कि डेटा वर्तमान समय का महत्वपूर्ण संसाधन बन चुका है। स्टैटाथॉन जैसे मंच युवाओं को सरकारी चुनौतियों के समाधान विकसित करने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का अवसर प्रदान करते हैं।
18 जून को होगा समापन, विजेताओं की घोषणा
स्टैटाथॉन 2026 का समापन 18 जून को होगा। इस दौरान फाइनलिस्ट टीमें विशेषज्ञ जूरी के सामने अपने विकसित समाधान प्रस्तुत करेंगी और इसके बाद विजेताओं की घोषणा की जाएगी।
आयोजन का उद्देश्य केवल प्रतियोगिता तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसे नवाचारों की पहचान करना है जिन्हें राष्ट्रीय सांख्यिकी प्रणाली में पायलट परियोजनाओं के रूप में अपनाया जा सके। इसके माध्यम से सार्वजनिक प्रशासन में उभरती तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है।
