नीदरलैंड्स में भीड़ हिंसा के बीच ऐतिहासिक चर्च स्वाहा
एम्स्टर्डम (नीदरलैंड्स)। नीदरलैंड्स में नए साल की रात अभूतपूर्व भीड़ हिंसा के बीच राजधानी एम्स्टर्डम का 19वीं सदी का ऐतिहासिक वोंडेलकेर्क (Vondelkerk) चर्च भीषण आग की चपेट में आ गया। वोंडेलपार्क के सामने स्थित यह नव-गॉथिक शैली का बेशकीमती धरोहर आधी रात के ठीक बाद आग की लपटों में घिर गया और देखते ही देखते ढह गया।
आग में ढह गई ऐतिहासिक इमारत
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग इतनी विकराल थी कि छत पूरी तरह जलकर राख हो गई, अंदरूनी संरचना तबाह हो गई, जबकि बाहरी दीवारें खड़ी रहीं। इमारत के ढहने से मलबा नीचे गिरने लगा, जिसके चलते आसपास के लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर ले जाना पड़ा। दमकलकर्मियों ने घंटों मशक्कत कर आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन तब तक चर्च पूरी तरह नष्ट हो चुका था।
हिंसा, आतिशबाजी और पुलिस पर हमले
यह घटना उस रात हुई जब शहर के कई इलाकों में प्रवासी युवाओं की अनियंत्रित भीड़ द्वारा पुलिस और आपात सेवाओं पर “अभूतपूर्व” हमले किए गए। आरोप है कि भीड़ ने आतिशबाजी को तात्कालिक हथियार की तरह इस्तेमाल करते हुए पुलिसकर्मियों, बचाव कर्मियों और यहां तक कि आम नागरिकों को भी निशाना बनाया। कई इलाकों में हालात इतने बिगड़े कि शहर युद्ध क्षेत्र जैसा दिखाई देने लगा।
जांच जारी, राष्ट्रीय स्तर पर चिंता
फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच जारी है। राहत की बात यह रही कि चर्च की आग में कोई घायल नहीं हुआ, हालांकि देशभर में छुट्टियों के दौरान आतिशबाजी से जुड़ी घटनाओं में दो लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जिसने उत्सव के दौरान सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सांस्कृतिक विरासत को अपूरणीय क्षति
वोंडेलकेर्क न केवल एक धार्मिक स्थल था, बल्कि नीदरलैंड्स की सांस्कृतिक पहचान का अहम हिस्सा भी माना जाता था। इसके नष्ट होने से देश की ऐतिहासिक विरासत को अपूरणीय क्षति पहुंची है। सरकार और स्थानीय प्रशासन पर अब कानून-व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण, और धरोहर संरक्षण—तीनों मोर्चों पर कड़े फैसलों का दबाव बढ़ गया है।
नीदरलैंड्स: 19वीं सदी का वोंडेलकेर्क आग में तबाह, शहर बना युद्ध क्षेत्र
