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नेपाल : देखते ही गोली’ मारने के आदेश

नेपाल में सांप्रदायिक तनाव चरम पर, सुरक्षा बलों को सख्त निर्देश

उपद्रव और आगजनी के बाद सरकार ने जारी किए कड़े आदेश, कर्फ्यू जैसे हालात

काठमांडू। नेपाल में बीते कुछ दिनों से सांप्रदायिक तनाव गहराता जा रहा है। हालात इतने बिगड़ गए कि सरकार को कई संवेदनशील इलाकों में कर्फ्यू जैसे प्रतिबंध लगाने पड़े हैं। प्रशासन ने लोगों से घरों में ही रहने की अपील की है, जबकि सुरक्षा बलों को उपद्रव फैलाने वालों के खिलाफ अत्यंत सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

कैसे भड़का नेपाल में सांप्रदायिक तनाव?

मीडिया रिपोर्ट्स और प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, हाल ही में कुछ क्षेत्रों में धार्मिक भावनाएं भड़काने वाली गतिविधियां, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान, पथराव और आगजनी की घटनाएं सामने आईं। इन घटनाओं के बाद हालात तेजी से बिगड़े और पुलिस तथा प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति बन गई। बताया जा रहा है कि कुछ कट्टरपंथी तत्वों ने हालात को जानबूझकर हिंसक बनाया, जिसके चलते आम नागरिकों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई।

‘देखते ही गोली’ जैसे आदेश क्यों?

नेपाल सरकार और सुरक्षा एजेंसियों ने देखते ही गोली’मारने के आदेश किया है।  यह आदेश सामान्य नागरिकों के लिए नहीं, बल्कि केवल उन दंगाइयों और उपद्रवियों के लिए हैं जो हिंसा, लूटपाट या जान-माल को नुकसान पहुंचाने में शामिल पाए जाएं। सरकार का कहना है कि यह कदम अंतिम उपाय के तौर पर लिया गया है ताकि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण से बाहर न जाए।

प्रभावित इलाकों में सख्त निगरानी

संवेदनशील जिलों में अतिरिक्त पुलिस और सशस्त्र बल तैनात, इंटरनेट और सोशल मीडिया पर भड़काऊ सामग्री की निगरानी, रात के समय आवागमन पर प्रतिबंध, स्कूल और बाजार अस्थायी रूप से बंद


सरकार की अपील

नेपाल सरकार ने सभी समुदायों से शांति बनाए रखने, अफवाहों पर ध्यान न देने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा है कि कानून तोड़ने वालों के खिलाफ धर्म या पहचान से ऊपर उठकर कार्रवाई की जाएगी।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता

नेपाल में बढ़ते तनाव को लेकर अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों और पड़ोसी देशों की भी नजर बनी हुई है। सभी पक्षों ने संयम बरतने और संवाद के जरिए समाधान निकालने पर जोर दिया है।

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