
खुलना (बांग्लादेश)। बांग्लादेश के खुलना डिवीजन के झिनाइदाहा जिले से मानवता को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। कालीगंज थाना क्षेत्र के नोदीपारा गांव में एक हिंदू विधवा महिला के साथ सामूहिक बलात्कार और क्रूर यातना किए जाने का आरोप है। पीड़िता ने पड़ोसियों हसन और शाहीन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मामला सामने आने के बाद इलाके में तनाव और आक्रोश का माहौल है। पीड़िता के अनुसार आरोपियों ने उसे जबरन पकड़कर सामूहिक बलात्कार किया। इसके बाद कथित तौर पर सिगरेट से जलाया गया, पेड़ से बांधकर रखा गया और बाल काट दिए गए। महिला ने बताया कि इस दौरान उसे लगातार धमकाया गया और गंभीर शारीरिक व मानसिक यातना दी गई। किसी तरह जान बचाकर वह स्थानीय लोगों की मदद से बाहर निकली और शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस कार्रवाई और जांच
घटना की सूचना मिलते ही कालीगंज थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पीड़िता के बयान, चिकित्सकीय परीक्षण और स्थल निरीक्षण के आधार पर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द गिरफ्तारी का दावा किया गया है।
मानवाधिकार और अल्पसंख्यक सुरक्षा पर सवाल
यह मामला एक बार फिर अल्पसंख्यक महिलाओं की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और मानवाधिकार के मुद्दे पर गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थानीय मानवाधिकार संगठनों ने निष्पक्ष जांच, त्वरित गिरफ्तारी और पीड़िता को न्याय व सुरक्षा देने की मांग की है।
प्रशासन से सख्त कदमों की मांग
सामाजिक संगठनों का कहना है कि ऐसे मामलों में तेज और पारदर्शी कार्रवाई जरूरी है, ताकि दोषियों को कड़ी सजा मिले और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। प्रशासन ने भी भरोसा दिलाया है कि मामले की कानूनी प्रक्रिया बिना भेदभाव पूरी की जाएगी।



