गूगल ने अनुशासनहीनता पर दिखाई कड़ी कार्रवाई: इज़रायल कॉन्ट्रैक्ट रद्द करने की मांग पर 28 कर्मचारी बर्खास्त, H1B वीज़ा भी रद्द

टेक दिग्गज Google में मंगलवार को बड़ा मामला सामने आया, जब कंपनी के सीईओ के कार्यालय में जाकर 28 कर्मचारियों ने इज़रायल के साथ सभी कॉन्ट्रैक्ट रद्द करने की मांग की। कर्मचारियों ने चेतावनी दी थी कि जब तक कॉन्ट्रैक्ट समाप्त नहीं होंगे, वे ऑफिस में धरना जारी रखेंगे। कंपनी ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए तुरंत कड़ी कार्रवाई की। यह मामला अब वैश्विक स्तर पर चर्चा का विषय बन चुका है।

गूगल ऑफिस में धरना, कंपनी ने लिया सख्त निर्णय
सूत्रों के अनुसार 28 कर्मचारी सीधे गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई के ऑफिस में पहुंचे और इज़रायल से जुड़े सभी अनुबंध खत्म करने की मांग पर अड़ गए। कर्मचारियों ने ऑफिस में बैठकर प्रोटेस्ट शुरू कर दिया और कहा कि वे तब तक नहीं हटेंगे जब तक कॉन्ट्रैक्ट रद्द नहीं किए जाते। गूगल प्रबंधन ने इस व्यवहार को कंपनी की पॉलिसी उल्लंघन, सर्विस कॉन्ट्रैक्ट तोड़ने और अनुशासनहीनता की श्रेणी में रखा। इसके बाद सभी 28 कर्मचारियों को तुरंत टर्मिनेट कर दिया गया।

न सिर्फ नौकरी गई, सभी लाभ भी जब्त
रिपोर्ट्स के अनुसार, गूगल ने इन कर्मचारियों को हटाने के साथ-साथ उनके मिलने वाले सभी लाभ जैसे ग्रेच्युटी, बेनिफिट्स, सर्विस परक सभी जब्त कर लिए। कंपनी ने इन पर गंभीर क्रिमिनल चार्जेज लगाने की भी प्रक्रिया आगे बढ़ा दी है।

H1B वीज़ा भी रद्द, होगी देश वापसी
गूगल ने अमेरिका के Department of Labor को पत्र लिखकर कहा है कि इन कर्मचारियों को जारी किए गए सभी H1B वीज़ा रद्द किए जाएं। वीज़ा रद्द होने के बाद इन्हें डीपोर्ट भी किया जाएगा। अब सभी 28 कर्मचारी माफी मांगते दिखाई दे रहे हैं। उनका कहना है कि उनसे गलती हो गई और उन्हें क्षमा किया जाए।

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