World

China Silver Strategy: चीन की नई चांदी नीति से वैश्विक बाजार में हलचल, भारत में बढ़ सकते हैं दाम

नई दिल्ली | इंटरनेशनल मार्केट न्यूज़

चीन ने चांदी (Silver) को लेकर एक ऐसी रणनीतिक चाल चली है, जिसने वैश्विक कमोडिटी मार्केट में हलचल मचा दी है। अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन अब सिर्फ चांदी का उपभोक्ता नहीं बल्कि ग्लोबल सिल्वर सप्लाई को कंट्रोल करने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। इसका सीधा असर भारत समेत पूरी दुनिया में चांदी की कीमतों पर देखने को मिल सकता है।

चीन क्यों है चांदी का बड़ा खिलाड़ी?

चीन दुनिया के सबसे बड़े चांदी उत्पादक और उपभोक्ताओं में शामिल है। इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल, बैटरी, सेमीकंडक्टर और ग्रीन एनर्जी सेक्टर में चांदी की भारी मांग है। चीन इन सभी क्षेत्रों में अग्रणी भूमिका निभाता है, जिससे उसकी चांदी पर निर्भरता और प्रभाव दोनों बढ़ जाते हैं।

क्या है चीन का नया प्लान?

विशेषज्ञों के अनुसार चीन घरेलू चांदी भंडारण (Silver Stockpiling) बढ़ा रहा है, चांदी के निर्यात पर अप्रत्यक्ष नियंत्रण की रणनीति अपना रहा है, इंडस्ट्रियल उपयोग के लिए चांदी को प्राथमिकता दे रहा है। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की उपलब्धता घट सकती है, जिसका परिणाम कीमतों में तेज़ उछाल के रूप में सामने आ सकता है।

भारत पर क्या पड़ेगा असर?

भारत में चांदी निवेश (Silver Investment), आभूषण उद्योग, औद्योगिक उपयोग तीनों के लिए अहम है। यदि वैश्विक सप्लाई प्रभावित होती है तो भारत में चांदी के दाम तेजी से बढ़ सकते हैं, जिससे आम उपभोक्ता और ज्वेलरी कारोबार दोनों पर असर पड़ेगा।

निवेशकों के लिए क्या संकेत?

मार्केट एनालिस्ट मानते हैं कि चांदी अब सिर्फ कीमती धातु नहीं, बल्कि रणनीतिक संसाधन बन चुकी है, आने वाले समय में गोल्ड के साथ-साथ सिल्वर भी सुरक्षित निवेश विकल्प बन सकता है।


निष्कर्ष

चीन की यह रणनीति केवल आर्थिक नहीं बल्कि भू-राजनीतिक संकेत भी देती है। यदि चीन चांदी की वैश्विक सप्लाई पर पकड़ मजबूत करता है, तो आने वाले महीनों में सिल्वर मार्केट में बड़ा बदलाव तय है।

Related Articles