
ईरान में इस्लामी शासन के ख़िलाफ़ बढ़ता जनाक्रोश
तेहरान । ईरान की राजधानी तेहरान से बड़ी खबर सामने आई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच तेहरान स्थित अल-रसूल मस्जिद में आग लगाए जाने की घटना सामने आई है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब देशभर में इस्लामी शासन के ख़िलाफ़ जनता का आक्रोश लगातार तेज़ होता जा रहा है।
स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान में चल रहे सरकार-विरोधी प्रदर्शनों के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने अल-रसूल मस्जिद को निशाना बनाया। घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बन गई, जबकि सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है। प्रशासन की ओर से अभी तक आधिकारिक तौर पर विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन हालात पर कड़ी निगरानी रखे जाने की बात कही जा रही है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह घटना केवल एक धार्मिक स्थल पर हमला नहीं, बल्कि इस्लामी शासन के प्रति गहरे असंतोष की अभिव्यक्ति के रूप में देखी जा रही है। पिछले कुछ समय से ईरान में महंगाई, बेरोज़गारी, सामाजिक पाबंदियों और राजनीतिक दमन के खिलाफ़ व्यापक प्रदर्शन हो रहे हैं। इन प्रदर्शनों के दौरान कई बार सरकारी इमारतों और सत्ता के प्रतीकों को भी निशाना बनाया गया है।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि दशकों से चला आ रहा इस्लामी शासन उनकी व्यक्तिगत आज़ादी, सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक अधिकारों को दबाता रहा है। यही कारण है कि विरोध अब केवल नीतियों तक सीमित न रहकर शासन व्यवस्था के मूल स्वरूप पर सवाल खड़े कर रहा है।
हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि धार्मिक स्थलों को नुकसान पहुंचाने जैसी घटनाएं हालात को और संवेदनशील बना सकती हैं। मौजूदा स्थिति यह संकेत दे रही है कि ईरान में असंतोष अपने चरम पर पहुंच रहा है और आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं।



