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विश्व हिन्दी दिवस पर पीएनबी का भव्य आयोजन: राजभाषा पुरस्कार वितरण समारोह एवं कवि सम्मेलन संपन्न

नई दिल्ली : भारत के अग्रणी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक – पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी) द्वारा विश्व हिन्दी दिवस के अवसर पर अपने प्रधान कार्यालय में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस विशेष आयोजन में राजभाषा पुरस्कार वितरण समारोह के साथ-साथ एक भव्य कवि सम्मेलन का भी आयोजन हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता बैंक के माननीय प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्री अशोक चंद्र ने की।

वरिष्ठ अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति

इस अवसर पर बैंक के कार्यपालक निदेशक श्री बी. पी. महापात्र, श्री अमित कुमार श्रीवास्तव, मुख्य सतर्कता अधिकारी श्री राघवेंद्र कुमार सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य महाप्रबंधक श्री सुमेश कुमार द्वारा अतिथियों के स्वागत संबोधन के साथ किया गया। उन्होंने बैंक के शीर्ष प्रबंधन, आमंत्रित कवियों और वित्त मंत्रालय से पधारे प्रतिनिधियों का अभिनंदन किया।

महत्वपूर्ण प्रकाशनों का विमोचन

कार्यक्रम के दौरान माननीय प्रबंध निदेशक एवं कार्यपालक निदेशकों द्वारा राजभाषा विभाग से संबंधित कई महत्वपूर्ण प्रकाशनों का विमोचन भी किया गया। इनमें शामिल रहेराजभाषा विभाग का वार्षिक कैलेंडर बैंक की तिमाही पत्रिका पीएनबी प्रतिभा – कॉर्पोरेट गवर्नेंस तथा सुरक्षा विशेषांक महाप्रबंधक मनोज कुमार श्रीवास्तव द्वारा लिखित पुस्तक “केंचुली”। इन प्रकाशनों के विमोचन को राजभाषा हिन्दी के प्रचार-प्रसार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना गया।

हिन्दी के महत्व पर एमडी का प्रेरक संबोधन

अपने अध्यक्षीय संबोधन में श्री अशोक चंद्र ने कहा कि हिन्दी हमारे देश की राजभाषा है और इसके प्रचार-प्रसार तथा प्रभावी कार्यान्वयन के लिए पंजाब नैशनल बैंक पूरी तरह प्रतिबद्ध है। विकसित भारत-2047 की परिकल्पना को साकार करने में भाषा की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि हमें देश के कोने-कोने तक बैंकिंग सेवाएं पहुँचानी हैं, तो इसका सबसे सशक्त माध्यम हिन्दी ही है।”

उन्होंने आगे कहा कि पीएनबी अपने डिजिटल उत्पादों में हिन्दी के साथ-साथ 13 क्षेत्रीय भाषाओं का भी प्रयोग कर रहा है, जिससे आम जनता तक बैंकिंग सेवाओं की पहुँच और अधिक सरल हो रही है। उन्होंने गर्व के साथ उल्लेख किया कि पंजाब नैशनल बैंक स्वतंत्रता सेनानी स्व. लाला लाजपत राय द्वारा स्थापित प्रथम स्वदेशी बैंक है, इसलिए हिन्दी को जन-जन की भाषा बनाने की नैतिक जिम्मेदारी भी पीएनबी पर सबसे अधिक है।

कवि सम्मेलन ने बांधा समां

कार्यक्रम के सांस्कृतिक सत्र में प्रसिद्ध कवि श्री चिराग जैन और श्री अरुण जैमिनी ने अपनी हास्य और व्यंग्य से भरपूर कविताओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को यादगार और मनोरंजक बना दिया।

राजभाषा में उत्कृष्ट कार्य हेतु सम्मान

इस अवसर पर बैंक में हिन्दी के प्रचार-प्रसार और राजभाषा कार्यान्वयन में उत्कृष्ट योगदान देने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को शील्ड और प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। यह सम्मान स्वयं प्रबंध निदेशक एवं कार्यपालक निदेशकों के कर-कमलों द्वारा प्रदान किया गया।

कार्यक्रम का सफल समापन

समारोह के अंत में विभागीय प्रमुख श्रीमती मनीषा शर्मा द्वारा पीएनबी में राजभाषा हिन्दी के कार्यान्वयन से संबंधित गतिविधियों पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम का समापन मुख्य प्रबंधक श्री आशीष शर्मा के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।




निष्कर्ष

विश्व हिन्दी दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम न केवल पीएनबी की राजभाषा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है, बल्कि हिन्दी को बैंकिंग सेवाओं की मुख्यधारा से जोड़ने के उसके प्रयासों को भी सशक्त रूप से रेखांकित करता है। ऐसे आयोजन हिन्दी भाषा के प्रचार-प्रसार और उसके सम्मान को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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