
रिपोर्ट : पुखराज भटेले
गोहद । गोहद नगर पालिका प्रशासनिक अराजकता और अनदेखी का शिकार बन गई है। पिछले दो महीनों से स्थायी CMO की नियुक्ति नहीं हुई है, जिससे नगर पालिका की कार्यप्रणाली पूरी तरह ठप हो गई है। नामांतरण, नक्शा स्वीकृति और अन्य जरूरी कार्यों के लिए लोग लगातार चक्कर काट रहे हैं, लेकिन हर बार एक ही जवाब मिलता है— “CMO नहीं हैं, आपका काम नहीं हो सकता!”
जनता की परेशानी:
लंबित फाइलों का अंबार: नामांतरण, नक्शा स्वीकृति, और अन्य जरूरी फाइलें महीनों से धूल फांक रही हैं। कोई सुनवाई नहीं: अधिकारी जनता की समस्याओं को नजरअंदाज कर रहे हैं। अधिकारों का हनन: क्या नगरवासियों का अधिकार नहीं कि उनके काम समय पर निपटाए जाएं?
प्रशासन की लापरवाही:
नगर पालिका की कुर्सियां खाली हैं, फाइलें पड़ी हुई हैं, कोई सुनवाई नहीं हो रही। ऐसा लगता है जैसे नगर पालिका को अपने हाल पर छोड़ दिया गया है।
जनता के सवाल:
नग
र पालिका में स्थायी CMO की नियुक्ति कब होगी?
लंबित फाइलों का निपटारा कब होगा?
जनता को बार-बार चक्कर काटने पर क्यों मजबूर किया जा रहा है?
जनता का आक्रोश:
अब जनता के सब्र का बांध टूट रहा है। हर दिन बढ़ती समस्याओं से नगरवासियों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है।
7 दिन में समाधान नहीं हुआ तो होगा जनआंदोलन!
नगर पालिका के गेट पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया जाएगा।
“CMO खोजो अभियान” चलाया जाएगा।
खाली कुर्सियों पर कंकाल रखकर निष्क्रियता का प्रतीकात्मक प्रदर्शन होगा।
जनता का साफ संदेश:
“जब जनता का काम नहीं होगा, तो शासन का अधिकार भी छिन जाएगा!”
अपील:
नगर प्रशासन से अनुरोध है कि जल्द से जल्द स्थायी CMO की नियुक्ति हो और लंबित फाइलों का निपटारा किया जाए, वरना जनता सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होगी।
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#न्याय_दो_जनता_को
#गोहद_जाग_रहा_है