चीन में भ्रष्टाचार का महाघोटाला: हाइकोऊ के पूर्व मेयर के पास से 23 टांस नकद और 13.5 टन सोना बरामद, मौत की सजा

हाइकोऊ । चीन में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई के बीच एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। हाइकोऊ शहर के पूर्व मेयर के पास से इतनी बड़ी मात्रा में नकद, सोना और संपत्तियां बरामद हुई हैं कि इसने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। जांच एजेंसियों के अनुसार, सरकारी ठेकों और जमीन सौदों में भारी रिश्वतखोरी के जरिए अरबों डॉलर की अवैध संपत्ति खड़ी की गई थी। इस खुलासे के बाद चीनी अदालत ने पूर्व मेयर को मौत की सजा सुना दी है।
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चीन भ्रष्टाचार मामला: 23 टन नकद और 13.5 टन सोना
चीन के दक्षिणी प्रांत में स्थित हाइकोऊ शहर के पूर्व मेयर के ठिकानों पर जब छापेमारी की गई, तो जांच अधिकारियों को 23 टन नकद राशि और करीब 13.5 टन सोना मिला। यह बरामदगी अपने आप में चीन के इतिहास की सबसे बड़ी भ्रष्टाचार जांचों में से एक मानी जा रही है। नकदी को गिनने और सुरक्षित करने में ही कई दिन लग गए।
सरकारी ठेकों और जमीन सौदों से रिश्वत
जांच रिपोर्ट के अनुसार, पूर्व मेयर ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए बड़े-बड़े सरकारी ठेके मनचाहे उद्योगपतियों को दिलाए। इसके बदले उन्हें मोटी रिश्वत मिली। इसके अलावा, जमीन सौदों में हेराफेरी कर उन्होंने करोड़ों डॉलर की अवैध कमाई की। इन्हीं पैसों से उन्होंने चीन और विदेशों में आलीशान संपत्तियां खरीदीं।
विदेशों में भी संपत्तियों का जाल
जांच एजेंसियों ने खुलासा किया कि पूर्व मेयर के पास केवल चीन में ही नहीं, बल्कि कई विदेशी देशों में भी महंगी रियल एस्टेट संपत्तियां थीं। इनमें लग्जरी अपार्टमेंट, विला और व्यावसायिक इमारतें शामिल हैं। इसके साथ ही उनके पास महंगी कारों का विशाल कलेक्शन भी मिला, जिसमें कई इंटरनेशनल ब्रांड्स की लक्जरी गाड़ियां शामिल हैं।
मौत की सजा और कड़ा संदेश
अवैध संपत्ति के इस विशाल भंडार और भ्रष्टाचार के पुख्ता सबूत मिलने के बाद चीनी अदालत ने पूर्व मेयर को मौत की सजा सुनाई। चीन में भ्रष्टाचार के मामलों में सख्त कानून लागू हैं और यह फैसला उसी नीति का हिस्सा माना जा रहा है। सरकार का कहना है कि यह सजा सभी अधिकारियों के लिए कड़ा संदेश है कि भ्रष्टाचार किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
निष्कर्ष
हाइकोऊ के पूर्व मेयर का यह मामला चीन में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम को और तेज करता है। 23 टन नकद, 13.5 टन सोना और अरबों डॉलर की संपत्तियों का खुलासा यह साबित करता है कि सत्ता का दुरुपयोग किस हद तक किया जा सकता है। इस मामले ने एक बार फिर वैश्विक स्तर पर राजनीतिक भ्रष्टाचार पर बहस को हवा दे दी है।



