भोपाल। चिकित्सा शिक्षा, शोध और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में लगातार नई उपलब्धियां हासिल कर रहे अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान भोपाल को एक और महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुआ है। वैश्विक वैज्ञानिक मूल्यांकन संस्था ScholarGPS द्वारा जारी नवीनतम रैंकिंग में एम्स भोपाल के 10 चिकित्सक-वैज्ञानिकों को उनके उत्कृष्ट शोध कार्य, वैज्ञानिक प्रकाशनों और अकादमिक योगदान के आधार पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली है।
यह उपलब्धि न केवल संस्थान की बढ़ती शोध क्षमता को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि एम्स भोपाल देश के अग्रणी चिकित्सा अनुसंधान केंद्रों में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।
शोध उत्कृष्टता के लिए मिली वैश्विक पहचान
स्कॉलर जीपीएस की प्रतिष्ठित सूची में एम्स भोपाल के विभिन्न विभागों से जुड़े चिकित्सक-वैज्ञानिकों को स्थान मिला है। इनमें जैवरसायन, सामान्य चिकित्सा, सामुदायिक एवं पारिवारिक चिकित्सा तथा सूक्ष्मजीवविज्ञान जैसे महत्वपूर्ण विषयों के विशेषज्ञ शामिल हैं।
सम्मानित चिकित्सक-वैज्ञानिकों में डॉ. जगत आर. कंवर, डॉ. रजनीश जोशी, डॉ. अभिजीत पखारे, डॉ. अंकुर जोशी, डॉ. देबाशीष बिस्वास, डॉ. सुखेस मुखर्जी, डॉ. अशोक कुमार, डॉ. अस्विन कोटनिस, डॉ. अभिनव सिंह तथा डॉ. वरुण मल्होत्रा शामिल हैं।
क्या है ScholarGPS रैंकिंग?
ScholarGPS विश्वभर के शोधकर्ताओं, वैज्ञानिकों और शिक्षाविदों के अकादमिक प्रदर्शन का विश्लेषण कर रैंकिंग जारी करता है। इसमें शोध प्रकाशनों की संख्या, उनके प्रभाव, उद्धरण (Citations), शोध गुणवत्ता, वैज्ञानिक योगदान और अकादमिक उपलब्धियों जैसे कई मानकों का मूल्यांकन किया जाता है।
इस प्रक्रिया के माध्यम से विभिन्न विषयों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं को वैश्विक स्तर पर पहचान मिलती है। इसलिए इस सूची में स्थान प्राप्त करना किसी भी शोधकर्ता के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जाता है।
एम्स भोपाल की शोध संस्कृति को मिली मजबूती
विशेषज्ञों का मानना है कि चिकित्सा संस्थानों की पहचान केवल उपचार सेवाओं से नहीं, बल्कि उनके शोध और नवाचार कार्यों से भी होती है। हाल के वर्षों में एम्स भोपाल ने चिकित्सा अनुसंधान, सार्वजनिक स्वास्थ्य, जैव-चिकित्सा विज्ञान और सामुदायिक स्वास्थ्य से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण अध्ययन किए हैं, जिनकी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना हुई है।
यह उपलब्धि दर्शाती है कि संस्थान में शोध को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक अकादमिक वातावरण और संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
कार्यपालक निदेशक ने दी बधाई
इस उपलब्धि पर एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक एवं सीईओ प्रो. (डॉ.) माधवानन्द कर ने सभी सम्मानित चिकित्सक-वैज्ञानिकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सम्मान संस्थान में विकसित हो रही शोध उत्कृष्टता, नवाचार और अकादमिक गुणवत्ता की मजबूत संस्कृति का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि एम्स भोपाल चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है तथा संस्थान के वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं को विश्वस्तरीय अनुसंधान के लिए आगे भी प्रोत्साहित करता रहेगा।
राष्ट्रीय से वैश्विक पहचान की ओर बढ़ता एम्स भोपाल
एम्स भोपाल को हाल के वर्षों में चिकित्सा अनुसंधान, नवाचार, वैज्ञानिक प्रकाशनों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के क्षेत्र में लगातार सफलता मिल रही है। स्कॉलर जीपीएस की वैश्विक रैंकिंग में संस्थान के 10 चिकित्सक-वैज्ञानिकों का शामिल होना न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह पूरे संस्थान और मध्यप्रदेश के लिए भी गौरव का विषय है।
यह सफलता बताती है कि एम्स भोपाल अब केवल एक प्रमुख स्वास्थ्य संस्थान ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर पहचान बनाने वाला उभरता हुआ शोध एवं अकादमिक केंद्र भी बनता जा रहा है।
स्कॉलर जीपीएस वैश्विक रैंकिंग में एम्स भोपाल के 10 चिकित्सक-वैज्ञानिकों को मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान
