भोपाल । मध्य प्रदेश नापतौल अधिकारी कर्मचारी संघर्ष समिति के तत्वावधान में शनिवार, 10 जनवरी 2026 को भोपाल मुख्यालय परिसर में राज्य स्तरीय अधिकारी–कर्मचारी सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में प्रदेश के सभी जिलों से आए नापतौल विभाग के अधिकारी, निरीक्षक, लिपिक, चतुर्थ श्रेणी एवं आउटसोर्स कर्मचारी बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम की विशेष बात यह रही कि पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए भोजन व्यवस्था में सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग नहीं किया गया।
भोपाल मुख्यालय में सुबह 10 बजे से शुरू हुआ सम्मेलन
सम्मेलन की शुरुआत सुबह 10 बजे हुई। मध्य प्रदेश नापतौल अधिकारी कर्मचारी संघर्ष समिति के अध्यक्ष उमाशंकर तिवारी ने सम्मेलन की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि यह आयोजन कर्मचारियों की वर्षों से लंबित समस्याओं और मांगों को एकजुट होकर शासन–प्रशासन के समक्ष रखने के उद्देश्य से किया गया है। सम्मेलन में संरक्षक नसीमुद्दीन, भारत भूषण वर्मा, शिव शंकर ऊइके, सुरेंद्र सिंह राजपूत, आर.के. कछवाह, श्रीमती दीपशिखा नागले, श्रीमती मीना मंडल, अर्पित जैन, खुशी लाल रायकवार, श्री रंजीत ढोके, आकाश धनोरिया, राजेंद्र खनाल सहित अन्य पदाधिकारियों ने अपने विचार रखे।
अधिकारियों का स्वागत, समस्याओं पर हुई विस्तृत चर्चा
सम्मेलन के प्रारंभ में नापतौल विभाग के नियंत्रक श्री बृजेश सक्सेना, संयुक्त नियंत्रक श्री के.एस. चौहान तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारी नेताओं का स्वागत किया गया। वक्ताओं ने विभाग में कार्यरत कर्मचारियों की पदोन्नति, वेतनमान, संसाधनों की कमी, पदों की रिक्तता और सेवा शर्तों से जुड़ी समस्याओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।
कर्मचारियों की 14 सूत्रीय प्रमुख मांगें
सम्मेलन के दौरान कर्मचारियों की ओर से निम्न प्रमुख मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा।
1. राजस्व विभाग के अप्रैल 1975 के भर्ती नियमों में संशोधन कर खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग के अनुरूप भर्ती नियम लागू करना।
2. सहायक ग्रेड-3 से निरीक्षक पद हेतु विभागीय परीक्षा उचित माध्यम से कराना।
3. समयमान वेतनमान का लाभ प्रदान करना।
4. मुख्यालय की रिक्त भूमि अन्य विभागों को न देने का निर्णय।
5. मुख्यालय में पदों की संख्या में वृद्धि।
6. कर्मचारियों के स्थाईकरण की प्रक्रिया तेज करना।
7. सभी कर्मचारियों को कंप्यूटर, प्रिंटर और स्कैनर उपलब्ध कराना।
8. दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों का स्थाईकरण।
9. परिवीक्षा अवधि समाप्त करने की मांग।
10. निरीक्षकों को शासकीय वाहन उपलब्ध कराना।
11. विभागीय सेटअप का पुनरीक्षण (रिवाइज)।
12. निरीक्षकों की वेतन विसंगतियों का निराकरण।
13. ऑडिट एवं वार्षिक निरीक्षण की प्रक्रिया को सरल बनाना।
14. प्रयोगशाला सहायकों के रिक्त पदों को शीघ्र भरना।
विभागीय अधिकारियों ने दिया आश्वासन
नियंत्रक श्री बृजेश सक्सेना एवं संयुक्त नियंत्रक श्री के.एस. चौहान ने कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए आश्वासन दिया कि विभागीय स्तर पर जिन मुद्दों का समाधान संभव है, उन्हें शीघ्र पूरा किया जाएगा। साथ ही, जो मांगें शासन स्तर की हैं, उन्हें शासन तक भेजकर निराकरण के प्रयास किए जाएंगे।
प्रदेशभर के कर्मचारी रहे उपस्थित
इस सम्मेलन में मध्य प्रदेश के सभी जिलों से आए अधिकारी, निरीक्षक, लिपिक, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी और आउटसोर्स कर्मियों की सक्रिय भागीदारी रही। सम्मेलन को कर्मचारियों की एकता और अधिकारों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे नापतौल विभाग में कार्यरत कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान की दिशा में नई उम्मीद जगी है।
भोपाल में नापतौल विभाग अधिकारी–कर्मचारी सम्मेलन आयोजित, 14 सूत्रीय मांगों को लेकर दिया गया ज्ञापन
