Vikramotsav 2025 में MP टूरिज्म का पवेलियन बना आकर्षण का केंद्र, महाकाल के होलोग्राम दर्शन और पारंपरिक कला–संस्कृति बनी खास पहचान

नई दिल्ली, लाल किला | Vikramotsav 2025 Tourism Highlights — मध्य प्रदेश टूरिज्म पवेलियन “विक्रमोत्सव 2025” के दौरान नई दिल्ली स्थित लाल किला परिसर के माधवदास पार्क में लोगों के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र बन गया है। यहाँ MP Tourism Pavilion 2025 में न केवल राज्य की प्राचीन संस्कृति, पारंपरिक कला, और हस्तशिल्प की शानदार झलक देखने को मिल रही है, बल्कि महाकाल के होलोग्राफिक दर्शन और पर्यटन स्थलों की इंटरैक्टिव जानकारी भी दर्शकों को मोहित कर रही है।

महाकाल का होलोग्राम और पर्यटन स्थलों की वर्चुअल जानकारी बनी विशेषता

MP टूरिज्म बोर्ड द्वारा प्रस्तुत होलोग्राफिक तकनीक से श्रद्धालु बाबा महाकाल के भव्य दर्शन कर रहे हैं। साथ ही उज्जैन, खजुराहो, ओरछा, पचमढ़ी, अमरकंटक और भेड़ाघाट जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों की वर्चुअल गाइडेड टूर के माध्यम से मध्यप्रदेश की विविधता भरी टूरिज्म डेस्टिनेशन्स की जानकारी दी जा रही है।

पारंपरिक हस्तशिल्प और कलाकृतियों ने खींचा ध्यान

MP Tourism Pavilion में चंदेरी कॉटन-सिल्क साड़ियों का आकर्षक कलेक्शन महिला दर्शकों को खूब पसंद आ रहा है। वहीं, खजूर की पत्तियों से बनी टेराकोटा मूर्तियाँ, गोंड और भील पेंटिंग्स, और उरांव जनजाति की पेपर मैशी कला ने शिल्पप्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर दिया है। बाग प्रिंट और जरदोज़ी कढ़ाई जैसे पारंपरिक वस्त्र डिज़ाइनों ने राज्य की शाही हस्तशिल्प परंपरा को बखूबी प्रदर्शित किया है।

लोककलाएं भी बनीं दर्शकों के आकर्षण का केंद्र

मांडना कला, जो शुभ अवसरों पर दीवारों और आंगनों की सजावट में प्रयुक्त होती है, यहाँ बड़े स्केल पर प्रदर्शित की गई है। खराद शिल्प से बने सजावटी सामान भी घर की इंटीरियर सजावट के लिए खरीदे जा रहे हैं।

पारंपरिक MP व्यंजन बने लोगों की पसंद

एमपी के पारंपरिक व्यंजनों की सुगंध और स्वाद ने फूड कोर्ट को मिनी मध्यप्रदेश में तब्दील कर दिया है।
प्रमुख आकर्षण:

इंदौर का पोहा-जलेबी और मक्के के कीस
मालवा की कचौरी
डिंडोरी की उड़ल दाल और कोदो भात
बघेलखंड का निमोना-पुड़ी,
बुंदेलखंडी छाछ व आम पना,
मावा बाटी और गुलाब मलाई लस्सी


Vikramotsav 2025 में MP Tourism Pavilion का यह सांस्कृतिक समागम न केवल राज्य के पर्यटन को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि देशभर से आए आगंतुकों को मध्यप्रदेश की विरासत और स्वाद से जोड़ भी रहा है।

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