भोपाल। सेमी गवर्नमेंट संस्थाओं में कथित कमीशनखोरी और फिजूलखर्ची को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। नया भवन निर्माण के नाम पर वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन को करीब 100 करोड़ रुपये का चूना लगाने के प्रयास का आरोप लगाते हुए कर्मचारी संगठनों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। सेमी गवर्नमेंट एम्प्लाइज फेडरेशन के संयोजक अनिल बाजपेई और अर्द्ध शासकीय अधिकारी-कर्मचारी सार्वजनिक उपक्रम संघ के प्रांताध्यक्ष अरुण वर्मा ने इस प्रस्ताव को अनावश्यक बताते हुए तत्काल रोक लगाने की मांग की है।
निजी कार्यालय होते हुए नया भवन क्यों?
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि आपूर्ति निगम, वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन, नाप-तौल विभाग और उपभोक्ता संघ के पास पहले से नाप-तौल विभाग स्थित भूमि पर निजी कार्यालय भवन उपलब्ध हैं। इसके बावजूद नया भवन बनाने के लिए 100 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार की आशंका को जन्म देता है। उनका सवाल है कि जब मौजूदा कार्यालय पर्याप्त हैं, तो नए भवन का औचित्य क्या है?
निर्माण के बाद साज-सज्जा में करोड़ों का अतिरिक्त बोझ
अनिल बाजपेई और अरुण वर्मा ने बताया कि नया भवन बनने के बाद उसकी साज-सज्जा, फर्निशिंग और रख-रखाव पर भी करोड़ों रुपये का अतिरिक्त भार पड़ेगा, जिसका बोझ अंततः आपूर्ति निगम, नाप-तौल विभाग, वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन और उपभोक्ता संघ पर आएगा। इससे संस्थाओं की वित्तीय स्थिति पर अनावश्यक दबाव बनेगा।
फिजूलखर्ची और भ्रष्टाचार का आरोप
कर्मचारी नेताओं का आरोप है कि इन संस्थाओं में पहले से ही फिजूलखर्ची और भ्रष्टाचार का बोलबाला है। ऐसे में बिना आवश्यकता के नया भवन निर्माण करना सार्वजनिक धन का दुरुपयोग होगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह प्रस्ताव जनहित के बजाय कुछ लोगों के निजी लाभ के लिए आगे बढ़ाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग
फेडरेशन संयोजक अनिल बाजपेई और उपक्रम संघ के प्रांताध्यक्ष अरुण वर्मा ने माननीय मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि जब संबंधित संस्थाओं के पास अपने निजी कार्यालय भवन मौजूद हैं, तो 100 करोड़ रुपये खर्च करने की अनुमति क्यों दी जा रही है—इस पर तत्काल रोक लगाई जाए। साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि कमीशनखोरी और अनावश्यक खर्च से सार्वजनिक संस्थाओं को बचाया जा सके।
वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन में 100 करोड़ के प्रस्ताव पर बवाल, कमीशनखोरी के आरोप; कर्मचारी संगठनों ने मुख्यमंत्री से की रोक की मांग
