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उत्तराखंड शिक्षा निदेशालय में बवाल: महिला पत्रकार से अभद्रता का आरोप, वीडियो वायरल

देहरादून । उत्तराखंड में प्रशासनिक मर्यादा और प्रेस की स्वतंत्रता से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। उत्तराखंड के प्रारंभिक शिक्षा निदेशक अजय कुमार नौडियाल पर महिला पत्रकार से हाथापाई, अभद्रता और मोबाइल छीनने के आरोप लगे हैं। इस घटना से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद शिक्षा निदेशालय परिसर में पत्रकारों ने जोरदार हंगामा और विरोध प्रदर्शन किया।

क्या है पूरा मामला

जानकारी के अनुसार एक महिला पत्रकार शिक्षा विभाग से जुड़े मुद्दे पर सवाल पूछने के लिए शिक्षा निदेशालय पहुंची थी। इसी दौरान कथित तौर पर प्रारंभिक शिक्षा निदेशक अजय कुमार नौडियाल का व्यवहार आपत्तिजनक हो गया। वायरल वीडियो में निदेशक पर महिला पत्रकार का मोबाइल छीनने और हाथ उठाने का आरोप लगाया जा रहा है। वीडियो में बहस के दौरान तनावपूर्ण स्थिति साफ देखी जा सकती है, जिसे लेकर अब सवाल खड़े हो रहे हैं।

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल, भड़का आक्रोश

घटना का वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं शुरू हो गईं। पत्रकार संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने इसे प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला बताया है।

पत्रकारों का विरोध प्रदर्शन, कार्रवाई की मांग

वीडियो वायरल होने के बाद देहरादून में पत्रकारों ने शिक्षा निदेशालय के बाहर हंगामा किया। प्रदर्शनकारी पत्रकारों ने मांग की कि महिला पत्रकार से तत्काल सार्वजनिक माफी मांगी जाए। निदेशक अजय कुमार नौडियाल के खिलाफ कानूनी और विभागीय कार्रवाई हो। भविष्य में पत्रकारों के साथ इस तरह के व्यवहार की पुनरावृत्ति न हो। पत्रकारों का कहना है कि यदि एक वरिष्ठ अधिकारी ही इस तरह का व्यवहार करेगा, तो महिला पत्रकारों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।

प्रशासन की चुप्पी, जांच की मांग तेज

घटना के कई घंटे बीत जाने के बावजूद शिक्षा विभाग या राज्य सरकार की ओर से कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है। इससे नाराज़गी और बढ़ गई है। विपक्षी दलों ने भी मामले में दखल देते हुए कहा है कि महिला सम्मान और मीडिया की आज़ादी से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।

महिला सम्मान और प्रेस स्वतंत्रता पर सवाल

यह मामला सिर्फ एक अधिकारी और पत्रकार के बीच विवाद नहीं रह गया है, बल्कि यह महिला सम्मान, प्रशासनिक जवाबदेही और प्रेस की स्वतंत्रता से जुड़ा गंभीर मुद्दा बन चुका है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि उत्तराखंड सरकार और शिक्षा विभाग इस प्रकरण में क्या कार्रवाई करते हैं।

> नोट: यह समाचार सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और पत्रकार संगठनों के आरोपों पर आधारित है। अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

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