
हरियाणा के अंतरराज्यीय ठग गिरोह के दो आरोपी गिरफ्तार
पीड़ित 75 वर्षीय वृद्ध से ₹95,500 की साइबर ठगी कर बनाया था ब्लैकमेलिंग का शिकार
पुलिस टीम ने तकनीकी अनुसंधान के आधार पर हरियाणा से पकड़ा
आरोपियों से 3 मोबाइल फोन जब्त, कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया गया
छिंदवाड़ा । थाना देहात पुलिस ने साइबर ठगी और आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी हरियाणा के एक संगठित साइबर ठग गिरोह से जुड़े हैं, जो फर्जी अश्लील वीडियो के जरिए पीड़ितों को ब्लैकमेल कर मोटी रकम वसूलते थे।
मामले का संक्षिप्त विवरण
घटना: 19 नवंबर 2024 को छिंदवाड़ा के प्रियदर्शनी कॉलोनी निवासी 75 वर्षीय वामनराव माहोरे द्वारा जहर सेवन कर आत्महत्या करने की सूचना मिली थी। पुलिस जांच: मर्ग क्रमांक 98/24 धारा 194 BNSS के तहत जांच शुरू की गई। साइबर ठगी का खुलासा: जांच में पता चला कि मृतक को मोबाइल नंबर +919109179453 और +917576909168 से कॉल कर फर्जी अश्लील गतिविधियों में फंसाने और यूट्यूब पर वीडियो अपलोड करने की धमकी देकर ₹95,500 ठगे गए थे। लगातार ब्लैकमेलिंग और मानसिक प्रताड़ना से मृतक ने आत्महत्या कर ली। प्रकरण में धारा 66B, 67 IT एक्ट और धारा 308(2), 108 BNS के तहत केस दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
आरोपियों की गिरफ्तारी: हरियाणा से पकड़ा गया गिरोह
पुलिस ने साइबर सेल की मदद से आरोपियों के मोबाइल नंबर ट्रैक किए। तकनीकी अनुसंधान के आधार पर हरियाणा के पलवल जिले में छापेमारी कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपी:
मोहम्मद युसूफ, पिता कासम खान (उम्र 26 वर्ष), निवासी पलवल, हरियाणा
मन्नान, पिता मोहम्मद हाकम (उम्र 26 वर्ष), निवासी ग्राम उटावर, जिला पलवल, हरियाणा
आरोपियों ने पूछताछ में अपना अपराध स्वीकार किया और ब्लैकमेलिंग में इस्तेमाल किए गए 3 मोबाइल फोन बरामद किए गए। आरोपियों को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लिया गया।
विशेष पुलिस टीम की भूमिका
थाना प्रभारी: निरीक्षक जी. एस. राजपूत
साइबर सेल अधिकारी: उनि वर्षा सिंह, सउनि रुपेश यादव
तकनीकी अनुसंधान टीम: आरक्षक रवि ठाकुर (सायबर सेल), अंकित शर्मा, ओमनरेश बघेल, उमेश उइके, गजानंद मर्रापे, महेश रघुवंशी