
भोपाल, । मध्यप्रदेश में बसों की निगरानी अब केंद्रीकृत सिस्टम के ज़रिए की जाएगी। भोपाल में बन रहे नए मॉनिटरिंग सेंटर से पूरे प्रदेश की बसों की रियल टाइम ट्रैकिंग, बीमा, फिटनेस, परमिट और पीयूसी (PUC) की वैधता की निगरानी की जाएगी। यह निर्णय हाल ही में इंदौर के बाणगंगा चौराहा बस हादसे से सबक लेते हुए लिया गया है, जिसमें कई लोगों की जान गई थी।
नई व्यवस्था की प्रमुख विशेषताएं:
केंद्रीकृत निगरानी प्रणाली:
अब भोपाल से पूरे मध्यप्रदेश में चलने वाली बसों की स्थिति की निगरानी की जाएगी।
फिटनेस, बीमा और परमिट की वैधता पर अलर्ट:
जैसे ही किसी बस का बीमा, फिटनेस या परमिट खत्म होगा, संबंधित अधिकारियों के पास तत्काल अलर्ट मैसेज पहुंचेगा।
एनालिटिकल सॉफ्टवेयर से जोड़ा जाएगा डेटा:
सभी बसों की जानकारी को कंप्यूटर डाटाबेस में फीड कर विशेष एनालिटिकल सॉफ्टवेयर से जोड़ा जाएगा, जो समय रहते अलर्ट और रिपोर्ट देगा।
57 हजार बसों की जानकारी जुटाई जा रही है:
परिवहन विभाग प्रदेश में पंजीकृत लगभग 57,000 बसों की जानकारी कंपनियों और बस मालिकों से मंगवा रहा है।
बाणगंगा हादसे से मिला सबक
इंदौर में हुए बाणगंगा बस हादसे में सामने आया था कि बस की फिटनेस और बीमा दोनों समाप्त हो चुके थे, इसके बावजूद वह संचालन में थी। इस गंभीर लापरवाही के बाद परिवहन विभाग ने तत्काल समीक्षा कर नई निगरानी प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया।