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Ladki ka ladki se pyar hua, शादी से पहले युवती प्रेमिका संग फरार, कैश और गहने लेकर घर से निकली

13–14 जनवरी को तय थी शादी, कर्ज लेकर की गई थी पूरी तैयारी, पड़ोसन बनी जीवनसाथी

तरनतारन (पंजाब)। पंजाब के तरनतारन जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां शादी से ठीक पहले एक युवती अपनी महिला मित्र के साथ घर से फरार हो गई। फरार होने से पहले युवती घर में रखे नकद रुपये और कीमती गहने भी साथ ले गई, जिससे परिवार सदमे और आर्थिक संकट में आ गया है।

जानकारी के अनुसार तरनतारन की रहने वाली लखविंदर के परिवार ने उसके बालिग होने के बाद उसकी शादी अमृतसर में तय कर दी थी। शादी की तारीख 13 और 14 जनवरी निर्धारित थी। शादी को भव्य बनाने के लिए परिवार ने कर्ज लेकर तैयारियां की थीं। टेंट, मंडप, साउंड और लाइट की बुकिंग हो चुकी थी, एडवांस भुगतान दिया जा चुका था और शादी के कार्ड रिश्तेदारों में बांटे जा चुके थे।

पहले से मिल रही थी चेतावनी, परिवार ने समझा मज़ाक

बताया जा रहा है कि लखविंदर की पड़ोसन और साथ पढ़ने वाली सुनीता राटा लगातार परिवार को चेतावनी देती थी कि अगर लखविंदर की शादी कहीं और की गई तो वह उसे भगा ले जाएगी। परिवार वालों ने इसे दोनों की गहरी दोस्ती समझकर मजाक में टाल दिया और बात को गंभीरता से नहीं लिया।

लेकिन जैसे-जैसे शादी की तारीख नजदीक आती गई, दोनों के बीच का रिश्ता गहराता चला गया। अंततः एक दिन लखविंदर, घर में रखे कैश और गहने लेकर सुनीता के साथ फरार हो गई।

तीन-चार दिन बाद खुला राज

जब लखविंदर तीन-चार दिनों तक घर नहीं लौटी और कोई संपर्क नहीं हुआ, तो परिवार ने उसकी तलाश शुरू की। जांच-पड़ताल में पता चला कि वह सुनीता राटा के साथ रह रही है। इसके बाद परिजन शिकायत लेकर पुलिस के पास पहुंचे।

पुलिस ने जताई असमर्थता

परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने यह कहकर हाथ खड़े कर दिए कि दोनों बालिग हैं, इसलिए इस मामले में कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जा सकती। वहीं, आरोप है कि सुनीता ने लखविंदर के परिवार को धमकी भी दी कि यदि किसी प्रकार की जबरदस्ती या हस्तक्षेप किया गया तो इसके गंभीर परिणाम होंगे।

परिवार पर टूटा दोहरा संकट

इस घटना के बाद परिवार पर मानसिक आघात के साथ आर्थिक संकट भी आ गया है। शादी की तैयारियों में लिया गया कर्ज, एडवांस भुगतान और समाज में बनी स्थिति ने परिजनों की परेशानी और बढ़ा दी है।

समाज के लिए संदेश

यह मामला समाज के लिए एक गंभीर सोच का विषय बन गया है कि विवाह तय करते समय केवल पारिवारिक सहमति ही नहीं, बल्कि युवाओं की मानसिक स्थिति, रिश्तों और भावनात्मक जुड़ाव को समझना भी आवश्यक है।

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