एम्स भोपाल में वर्ष 2026 का पहला स्वर्ण प्राशन कार्यक्रम आयोजित

आयुष विभाग की पहल से बच्चों के समग्र शारीरिक-मानसिक विकास को बढ़ावा

भोपाल। एक राष्ट्र का उज्ज्वल भविष्य उसके स्वस्थ नागरिकों पर निर्भर करता है। शारीरिक और मानसिक रूप से सशक्त भावी पीढ़ी ही देश की संस्कृति, सामाजिक मूल्यों और विकास को आगे बढ़ा सकती है। इसी उद्देश्य के साथ एम्स भोपाल जनसामान्य के लिए स्वास्थ्य संवर्धन की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। इसी क्रम में कार्यपालक निदेशक प्रो. (डॉ.) माधवानन्द कर के मार्गदर्शन में एम्स भोपाल के आयुष विभाग की आयुर्वेद ओपीडी में बच्चों के समग्र विकास को प्रोत्साहित करने हेतु स्वर्ण प्राशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

यह वर्ष 2026 का पहला स्वर्ण प्राशन कार्यक्रम रहा, जिसमें बड़ी संख्या में अभिभावकों ने अपने बच्चों के साथ उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम में कुल 80 बच्चों को स्वर्ण प्राशन कराया गया, जिनमें 53 बच्चे पूर्व से पंजीकृत थे, जबकि 27 नए बच्चों का पंजीकरण किया गया। इस अवसर पर 1 वर्ष से 16 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को आयुर्वेदिक विधि से स्वर्ण प्राशन कराया गया।

कार्यक्रम के दौरान आयुर्वेद चिकित्साधिकारी डॉ. रंजना पांडे ने अभिभावकों को स्वर्ण प्राशन के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्वर्ण प्राशन बच्चों की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, स्मरण शक्ति सुधारने, शारीरिक विकास एवं मानसिक संतुलन को मजबूत करने में सहायक माना जाता है। साथ ही उन्होंने बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति नियमित आयुर्वेदिक देखभाल और संतुलित जीवनशैली अपनाने पर भी जोर दिया।

उल्लेखनीय है कि एम्स भोपाल के आयुष विभाग में स्वर्ण प्राशन कार्यक्रम की शुरुआत वर्ष 2022 में पुष्य नक्षत्र के दिन की गई थी। तब से यह कार्यक्रम प्रत्येक माह पुष्य नक्षत्र के अवसर पर नियमित रूप से आयोजित किया जा रहा है। इस पहल के माध्यम से एम्स भोपाल आयुर्वेदिक पद्धति द्वारा बच्चों को बेहतर, सुरक्षित और प्राकृतिक स्वास्थ्य लाभ उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

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