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विकसित भारत के ‘संकल्प’ से संवर रहे युवाओं के सपने

युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए संकल्पित सरकार

युवाओं के पास आज अपने सपने हैं, गति है, सपनों को साकार करने का सामर्थ्य है , संकल्प है, अपार ऊर्जा है, सृजन की कल्पनाशीलता है, प्रतिबद्धता है। अपनी इन्हीं विशेषताओं के साथ स्वामी विवेकानंद के सपनों के अनुरूप राष्ट्र निर्माण हेतु कृत संकल्पित युवा ‘स्वयं सजे वसुंधरा सवार दें’ के मूल मंत्र को साकार कर रहे हैं। मध्य प्रदेश देश का हृदय प्रदेश है जहां पर युवाओं की धड़कन इस प्रदेश को अन्य राज्यों से विशेष बनाती है।

समावेशी एवं सर्वांगीण विकास की ओर बढ़ते युवा आज प्रदेश के अभूतपूर्व समग्र विकास और आकांक्षाओं का साक्षी बन रहे हैं। मप्र में 15 से 29 आयु वर्ग की लगभग 2 करोड़ युवा जनसंख्या है, इस संदर्भ में युवाओं की प्राथमिकता को ध्यान में रखते हुए मध्यप्रदेश शासन द्वारा विभिन्न नीतिगत निर्णय लिए जा रहे हैं। इसी क्रम में भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा जारी की गई युवा नीति युवा उड़ान को नए पंख देने एवं संकल्पों की सिद्धि का मार्ग प्रशस्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। युवाओं को कौशल संपन्न बनाने, एवं उनकी अभिरुचियों के विकास हेतु सरकार ने प्रतिबद्धता दिखाई है और इस दिशा में अनेक कार्य भी किए हैं।

स्वामी विवेकानंद की जयंती, जिसे राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है, युवाओं के आत्मबल, आत्मविश्वास और राष्ट्रबोध को जाग्रत करने का प्रतीक है। स्वामी विवेकानंद ने युवा शक्ति को राष्ट्र की जीवंत चेतना मानते हुए कहा था— “उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक रुको मत।” उनका चिंतन आज भी युवाओं को केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण, सेवा और राष्ट्र निर्माण की दिशा देता है। वे ऐसे भारत की कल्पना करते थे जहाँ युवा ज्ञानवान हों, आत्मनिर्भर हों और समाज के प्रति उत्तरदायी हों। राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर विवेकानंद का यह संदेश विकसित भारत के संकल्प से सहज रूप से जुड़ता है और युवाओं को यह विश्वास देता है कि उनकी ऊर्जा, विचार और संकल्प भारत की विकास यात्रा की सबसे बड़ी शक्ति हैं।

आत्मनिर्भर एवं कौशल संपन्न भारत का जो संकल्प माननीय प्रधानमंत्री जी ने लिया है, उस संकल्प से सिद्धि की दिशा में राष्ट्रीय युवा नीति एक महत्वपूर्ण दृष्टिपत्र है। जिसमें शिक्षा एवं कौशल, रोजगार एवं उद्यमिता, स्वास्थ्य, युवा नेतृत्व और सामाजिक कार्य से लेकर प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण, संवर्द्धन के साथ ही पर्यावरण के प्रति सरकार की संकल्पता को बताया गया है। यह युवा नीति सभी क्षेत्रों व सम्पूर्ण समाज की आकांक्षाओं की पूर्ति करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। युवाओं के सर्वांगीण विकास में शिक्षा के साथ-साथ इस प्रकार की सामाजिक व सांस्कृतिक गतिविधियों भी अत्यंत आवश्यक है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में 21 वीं सदी का यह समय बहुत महत्वपूर्ण है।युवा-शक्ति भारत की यात्रा की प्रेरक शक्ति है।अगले 25 साल राष्ट्र के नव-निर्माण के लिए महत्वपूर्ण हैं। युवा शक्ति के सपने और आकांक्षाएँ, भारत की दिशा और मंजिल तय करती हैं और वही युवा शक्ति का जुनून भारत की राह तय करता है। यह सच है कि ‘ऐसा कोई काम नहीं, जिसे भारत के युवा कर नहीं कर सकते। ऐसा कोई लक्ष्य नहीं, जिसे भारत के युवा हासिल नहीं कर सकते। भारत का जन भी युवा है, और भारत का मन भी युवा है। भारत अपने सामर्थ्य से भी युवा है, भारत अपने सपनों से भी युवा है। भारत अपने चिंतन से भी युवा है, भारत अपनी चेतना से भी युवा है। अनंत संभावनाओं से भरे देश के युवा विकसित भारत के विराट संकल्प को निश्चित ही 2047 तक पूर्ण करेंगे।

शुभम चौहान ( भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय युवा पुरस्कार एवं विवेकानंद राज्य युवा पुरस्कार से सम्मानित )

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