भोपाल नगर निगम परिषद का 13वां सम्मेलन संपन्न: ऑपरेशन सिंदूर, पुनरीक्षित बजट और शहरी विकास पर हुई विस्तृत चर्चा

भोपाल देश की पहली नगर परिषद बनी जिसने अपनाया संसदीय आचरण

ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर सेना को किया गया सम्मानित।

स्वच्छता सर्वेक्षण में भोपाल देश में दूसरे स्थान पर रहा।

“युवा सांसद” योजना में मुख्यमंत्री और सांसद वी.डी. शर्मा के योगदान का किया गया उल्लेख।
भोपाल। नगर निगम परिषद का 13वां सम्मेलन गुरुवार को राष्ट्रीय गान के साथ प्रारंभ हुआ। परिषद अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी की अध्यक्षता में हुए इस मानसून सत्र में कई अहम मुद्दों पर गंभीर चर्चा की गई। सम्मेलन के दौरान “ऑपरेशन सिंदूर” की सफलता पर सेना व कमांडर सोफिया कुरेशी को बधाई दी गई। साथ ही परिषद ने भोपाल को देश की पहली नगर परिषद बताया जिसने संसदीय आचरण की परंपरा प्रारंभ की है।

ऑपरेशन सिंदूर पर विशेष चर्चा

परिषद अध्यक्ष ने हाल ही में सम्पन्न “ऑपरेशन सिंदूर” में सुरक्षा बलों की भूमिका की सराहना की और विशेष रूप से सेना की कमांडर सोफिया कुरेशी को बधाई दी। परिषद में मौजूद सभी पार्षदों ने तालियों के साथ इस मिशन की सफलता का स्वागत किया।

पुनरीक्षित बजट और लेप्स राशि पर बहस

सम्मेलन के केंद्र में 2024-25 के पुनरीक्षित बजट की चर्चा रही। नेता प्रतिपक्ष साबिश जाकी ने मांग की कि 65% लेप्स हुई बजट राशि को पुनरीक्षित बजट में जोड़ा जाए। महापौर मालती राय ने स्पष्ट किया कि वर्तमान प्रस्तावित बजट ही पुनरीक्षित बजट है और उसका उल्लेख त्रुटिवश नहीं हो पाया था।

अधिकारियों की कार्यशैली पर नाराजगी

पार्षद पप्पू विलास ने आयुक्त पर हठधर्मी रवैये और शिकायतों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि “आयुक्त हमारी सुनते ही नहीं।” उन्होंने बिना लाइसेंस चल रही मांस-मछली दुकानों का मुद्दा भी उठाया और नगर निगम की पार्किंग नीति पर सवाल खड़े किए।

कैंसर अस्पताल को दिए गए अनुदान पर विरोध

सत्र में कैंसर हॉस्पिटल को अनुदान देने के निर्णय पर बहस छिड़ गई। पार्षदों ने सवाल किया कि जब अस्पताल मरीजों से शुल्क वसूलता है तो उसे अनुदान क्यों दिया जाए? इस पर परिषद ने अस्पतालों में पारदर्शिता की जांच के निर्देश दिए।

एसी खरीद और फिजूल खर्च पर सवाल

पार्षद शीरीन कुरेशी ने नगर निगम द्वारा एसी खरीदने के आरोप लगाए, जिस पर राजेश रानी ने स्पष्ट किया कि कोई नया एसी नहीं खरीदा गया है, बल्कि पहले से लगे एसी ही चालू हैं। हां, कुछ पंखे जरूर खरीदे गए हैं।

पेड़ कटाई और बिल्डिंग परमिशन की जांच

कांग्रेस पार्षद अजीजुद्दीन ने बिल्डिंग परमिशन और पेड़ काटे जाने के मुद्दे उठाए। अध्यक्ष ने शालीमार और मेरीगोल्ड गार्डन के पेड़ों की कटाई की जांच का आश्वासन दिया। साथ ही नगर निगम ने बताया कि अब तक 9 हाईराइज भवनों को अनुमति दी गई है।

ऑपरेटरों की स्थिति और विभागीय समायोजन

आज़ाद अग्रवाल ने बताया कि 158 कंप्यूटर ऑपरेटर कार्यरत हैं, जबकि 220 ऑपरेटर अन्य विभागों में पदस्थ हैं। परिषद में यह भी स्पष्ट किया गया कि हाल के दिनों में कोई नई नियुक्ति नहीं की गई है।

पार्किंग से नगर निगम की आय और ठेका संकट

पार्षद पप्पू विलास द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में आर.के. सिंह ने बताया कि पार्किंग से निगम को ₹1.13 करोड़ की आय हुई है, जबकि टेंडर ₹91 लाख में हुए थे। लेकिन वर्तमान में निर्धारित राशि अधिक होने के कारण कोई भी ठेकेदार टेंडर लेने को तैयार नहीं है। समिति ने सुझाव दिया कि ठेका राशि घटाई जाए ताकि पार्किंग व्यवस्था पटरी पर आ सके।

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