भोपाल रेलवे स्टेशन पर नुक्कड़ नाटक से टीबी जागरूकता अभियान, मुफ्त जांच और इलाज का संदेश

“100 दिवसीय टीबी उन्मूलन अभियान” के तहत रेलवे की अनूठी पहल

भोपाल । भारत सरकार के “100 दिवसीय टीबी उन्मूलन अभियान” के तहत भोपाल रेलवे स्टेशन पर एक विशेष नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया। इस नाटक के माध्यम से यात्रियों और स्थानीय लोगों को टीबी (तपेदिक) के लक्षण, जांच, मुफ्त उपचार और बचाव के बारे में जागरूक किया गया।

टीबी जागरूकता के लिए पौराणिक पात्रों का अनूठा प्रयोग

नुक्कड़ नाटक में धर्मराज, चित्रगुप्त और यमदूत जैसे पौराणिक पात्रों का उपयोग किया गया, जिन्होंने हास्य, गीत और नृत्य के माध्यम से दर्शकों को टीबी के प्रति जागरूक किया। मनोरंजन के साथ गंभीर संदेश देने का यह प्रभावी तरीका लोगों को काफी पसंद आया।

रेलवे अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी

यह कार्यक्रम मंडल रेल प्रबंधक  देवाशीष त्रिपाठी के मार्गदर्शन और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय डोगरा के नेतृत्व में आयोजित किया गया।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक  सौरभ कटारिया ने कहा, “रेलवे का दायित्व केवल यात्रियों को सुरक्षित यात्रा प्रदान करना ही नहीं, बल्कि उनकी सेहत का ख्याल रखना भी है।”

टीबी जागरूकता के प्रमुख संदेश:

टीबी के सामान्य लक्षण – लगातार खांसी, वजन घटना, रात में पसीना आना
फ्री जांच और इलाज – सरकार द्वारा सभी रेलवे अस्पतालों और सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर मुफ्त टीबी जांच एवं दवा उपलब्ध
पौष्टिक आहार का महत्व – टीबी से लड़ने के लिए सही आहार की जानकारी
समय पर उपचार जरूरी – लक्षण नजर आते ही जांच कराना आवश्यक

रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों का मार्गदर्शन

इस आयोजन में अपर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रचना श्रीवास्तव, सहायक जिला आयुक्त स्काउट श्री नवीन कुमार, स्टेशन प्रबंधक श्री आर. के. मिश्रा, रेलवे चिकित्सालय का नर्सिंग स्टाफ और रेलवे स्टेशन के कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।

मुख्य जिला आयुक्त एवं अपर मंडल रेल प्रबंधक श्रीमती रश्मि दिवाकर, वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी श्री विजय सिंह और वरिष्ठ मंडल चिकित्सा अधिकारी श्रीमती श्रुति मेंढकर के विशेष मार्गदर्शन में यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

रेलवे की सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्रीय लक्ष्य

भारतीय रेलवे केवल यात्रा का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव का भी वाहक है।
इस तरह के आयोजन टीबी उन्मूलन के राष्ट्रीय लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
रेलवे अपने विशाल नेटवर्क और यात्रियों तक पहुंच का उपयोग स्वास्थ्य जागरूकता फैलाने के लिए कर रहा है।

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