कंपनी का राजस्व बढ़कर 189.75 करोड़ रुपये हुआ, PAT 24.04 करोड़ रुपये रहा
मुंबई, 18 अगस्त 2026। सुप्रिया लाइफसाइंस लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के बिना ऑडिट वाले वित्तीय नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का तिमाही राजस्व सालाना आधार पर 30.8 प्रतिशत बढ़कर 189.75 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 145.07 करोड़ रुपये था। हालांकि, इस दौरान कंपनी के EBITDA और टैक्स के बाद मुनाफे (PAT) में गिरावट दर्ज की गई।
कंपनी का EBITDA पहली तिमाही में 47.46 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल यह 51.70 करोड़ रुपये था। EBITDA मार्जिन भी 35.6 प्रतिशत से घटकर 25 प्रतिशत रह गया। इसी तरह PAT 34.79 करोड़ रुपये से घटकर 24.04 करोड़ रुपये रहा। PAT मार्जिन 24 प्रतिशत से घटकर 12.7 प्रतिशत हो गया। तिमाही EPS 4.32 रुपये से घटकर 2.99 रुपये रहा।
एनेस्थेटिक सेगमेंट सबसे बड़ा योगदानकर्ता
कंपनी के राजस्व में एनेस्थेटिक सेगमेंट की हिस्सेदारी 48 प्रतिशत रही। हालांकि, पिछले साल इसी अवधि में यह हिस्सेदारी 53 प्रतिशत थी। विटामिन सेगमेंट का योगदान बढ़कर 17 प्रतिशत हो गया, जो पिछले साल 11 प्रतिशत था।
भौगोलिक बाजारों में एशिया 39 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ सबसे बड़ा बाजार रहा। यूरोप का योगदान 35 प्रतिशत और लैटिन अमेरिका का 20 प्रतिशत रहा। उत्तरी अमेरिका और अन्य बाजारों की हिस्सेदारी 3-3 प्रतिशत रही। पहली तिमाही के कुल राजस्व में निर्यात की हिस्सेदारी 81 प्रतिशत रही।
नए उत्पादों पर कंपनी का फोकस
कंपनी के अनुसार कार्डियोवैस्कुलर प्रोडक्ट ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही से राजस्व देना शुरू किया है। एडीएचडी प्रोडक्ट को लैटिन अमेरिका और यूरोप से अच्छी मांग मिल रही है। लिक्विड एनेस्थेटिक प्रोडक्ट की व्यावसायिक बिक्री भी शुरू हो गई है।
वित्त वर्ष 2027 में एनेस्थेटिक और एडीएचडी सेगमेंट में करीब दो-दो नए प्रोडक्ट लॉन्च करने की योजना है। पहली तिमाही में कंपनी की क्षमता का उपयोग 70 प्रतिशत रहा। सभी मैन्युफैक्चरिंग ब्लॉक को मिलाकर कंपनी की कुल रिएक्टर क्षमता 932 केएलपीडी है।
आरएंडडी और मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ा रही कंपनी
अंबरनाथ फैसिलिटी में टैबलेट, कैप्सूल, लिक्विड, नेजल, इनहेलेशन और इंजेक्शन जैसे फिनिश्ड डोजेज तैयार करने की क्षमता शुरू हो चुकी है। कंपनी ने अंबरनाथ और लोटे में दो नए रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर भी शुरू किए हैं। आरएंडडी टीम में 68 से अधिक वैज्ञानिक काम कर रहे हैं और कंपनी हर साल 3 से 4 नए उत्पाद जोड़ने पर काम कर रही है।
कंपनी के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन एवं होल-टाइम डायरेक्टर डॉ. सतीश वाघ ने कहा कि पहली तिमाही में मुख्य कारोबार ने अच्छी गति बनाए रखी है। कंपनी का फोकस उत्पाद पोर्टफोलियो बढ़ाने, मैन्युफैक्चरिंग और आरएंडडी क्षमताओं को मजबूत करने तथा एनेस्थेटिक और एडीएचडी जैसे प्रमुख सेगमेंट में नई संभावनाओं को आगे बढ़ाने पर है।
