भोपाल में रासायनिक औद्योगिक आपदा पर मॉक ड्रिल का सफल आयोजन, आपदा प्रबंधन की तैयारियों का किया गया परीक्षण

भोपाल ।।आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने और आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से रासायनिक आपदा मॉक ड्रिल 2025 का आयोजन भोपाल के सेंट्रल पॉवर रिसर्च इंस्टीट्यूट के सामने किया गया। यह मॉक अभ्यास राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA), राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ।

इस रासायनिक औद्योगिक आपदा पर केंद्रित मॉक ड्रिल का आयोजन मध्यप्रदेश के 10 जिलों, जिनमें भोपाल प्रमुख था, में समवेत रूप से किया गया। अभ्यास के दौरान भोपाल स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा औद्योगिक गैस रिसाव जैसे खतरों से निपटने के लिए आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं का प्रभावशाली प्रदर्शन किया गया।

मॉक ड्रिल की मुख्य विशेषताएँ:

रासायनिक गैसों और खतरनाक केमिकल्स के रिसाव की स्थिति में सीपीआर (CPR), प्राथमिक उपचार, रेफरल प्रोटोकॉल और सुरक्षा सावधानियों का प्रदर्शन किया गया।

108 एम्बुलेंस सेवा, पैरामेडिकल स्टाफ और चिकित्सकीय दल ने निर्धारित समयसीमा में रोगी को सुरक्षित स्थान पर ले जाने और तत्काल इलाज प्रदान करने की प्रक्रिया को बारीकी से दर्शाया।

इस अभ्यास का प्रमुख उद्देश्य था आपदा प्रतिक्रिया रणनीतियों को बेहतर बनाना और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को मजबूत करना।


मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रभाकर तिवारी ने बताया कि अमोनिया जैसी जहरीली गैसों के रिसाव की स्थिति में त्वरित चिकित्सा सहायता अत्यंत आवश्यक होती है। इस अभ्यास में स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने मिनिमम रिस्पांस टाइम में इलाज की व्यवस्था का प्रदर्शन कर यह सिद्ध किया कि वे किसी भी आपातकालीन परिस्थिति से निपटने के लिए पूर्णतः तैयार हैं।

इस मॉक ड्रिल को वास्तविक आपदा की परिस्थितियों की नकल कर तैयार किया गया था, ताकि आपदा की स्थिति में आम जनता और सभी हितधारकों की प्रतिक्रिया क्षमताओं का मूल्यांकन किया जा सके।

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