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एम्स भोपाल में दो दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट कार्यक्रम का सफल आयोजन

भोपाल। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) भोपाल के नर्सिंग कॉलेज द्वारा मध्य प्रदेश शासन के नर्सिंग प्रभाग के सहयोग से दो दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम एम्स भोपाल परिसर में संपन्न हुआ, जिसका मुख्य विषय था – “शिक्षकों को सशक्त बनाना, उत्कृष्टता को ऊँचाई देना।”

नर्सिंग शिक्षकों की दक्षता बढ़ाने पर विशेष फोकस

इस कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य मध्य प्रदेश के विभिन्न शासकीय नर्सिंग कॉलेजों में कार्यरत नर्सिंग शिक्षकों एवं प्रशासकों की शैक्षणिक तथा प्रशासनिक क्षमताओं को और अधिक सुदृढ़ करना था। प्रशिक्षण के दौरान भारतीय नर्सिंग परिषद, नई दिल्ली द्वारा निर्धारित दक्षता-आधारित बीएससी नर्सिंग पाठ्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया।

कार्यक्रम के माध्यम से नर्सिंग शिक्षा में आधुनिक शिक्षण पद्धतियों, व्यावहारिक प्रशिक्षण और गुणवत्तापूर्ण मूल्यांकन तकनीकों पर विस्तार से चर्चा की गई, ताकि विद्यार्थियों को उच्चस्तरीय और व्यावहारिक ज्ञान प्रदान किया जा सके।

बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

विशेषज्ञों का मानना है कि नर्सिंग शिक्षकों की दक्षता में वृद्धि से न केवल नर्सिंग विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा प्राप्त होगी, बल्कि इसका सीधा लाभ भविष्य में आम नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के रूप में मिलेगा। यह कार्यक्रम नर्सिंग शिक्षा के स्तर को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

उद्घाटन सत्र में गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति

कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में प्रमुख रूप से उपस्थित रहे—

प्रो. (डॉ.) माधवानन्द कर – कार्यपालक निदेशक, एम्स भोपाल

प्रो. (डॉ.) रजनीश जोशी – डीन, शैक्षणिक

डॉ. राजश्री बाजाज – अपर निदेशक, नर्सिंग शिक्षा, मध्य प्रदेश शासन


कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. ममता वर्मा (सह प्राध्यापक एवं प्रभारी प्राचार्य, नर्सिंग कॉलेज, एम्स भोपाल) द्वारा की गई। कार्यक्रम का सफल समन्वय डॉ. लिली पोद्दार (सह प्राध्यापक) तथा श्री कुमारसामी ए.पी. (सहायक प्राध्यापक) द्वारा किया गया।

सिद्धांत और व्यवहार के बीच बेहतर तालमेल पर चर्चा

प्रशिक्षण सत्रों के दौरान शैक्षणिक एवं नैदानिक योजनाओं के माध्यम से सिद्धांत और व्यवहार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर गहन विचार-विमर्श किया गया। आधुनिक शिक्षण तकनीकों, मूल्यांकन पद्धतियों और छात्र-केंद्रित शिक्षा प्रणाली पर विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन दिया गया।

24 जिलों के नर्सिंग प्राचार्यों ने की पहल की सराहना

इस कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के 24 जिलों से आए नर्सिंग कॉलेजों के प्राचार्यों और वरिष्ठ शिक्षकों ने भाग लिया। सभी प्रतिभागियों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे राज्य में नर्सिंग शिक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया।

प्रतिभागियों ने एम्स भोपाल के नर्सिंग कॉलेज एवं मध्य प्रदेश शासन के नर्सिंग प्रभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम संस्थागत विकास के साथ-साथ विद्यार्थियों के शैक्षणिक उन्नयन में भी अत्यंत सहायक सिद्ध होगा।

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