
जयपर । राजस्थान के चौमू कस्बे में पांच दिन पहले पुलिस पर हुई पत्थरबाजी की घटना के बाद अब प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ राज्य सरकार और पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि हिंसा का जवाब कानून के दायरे में कड़ाई से दिया जाएगा। इसी क्रम में आज चौमू में अवैध निर्माणों पर कार्रवाई के लिए बुलडोजर पहुंचा, जिसे प्रदेश में ‘बुलडोजर एक्शन’ के तौर पर देखा जा रहा है।
चौमू में बीते दिनों एक विशेष घटनाक्रम के दौरान पुलिस पर पत्थरबाजी की गई थी। हालात बेकाबू होते देख पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा और मौके पर उपद्रवियों को खदेड़ा गया। प्रशासन का कहना है कि उस दिन स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया था, लेकिन जांच में सामने आया कि हिंसा में शामिल कुछ लोगों ने सरकारी नियमों का उल्लंघन कर अवैध निर्माण भी कर रखा है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सरकार ने पहले ही संकेत दे दिए थे कि कानून तोड़ने वालों के प्रति “जीरो टॉलरेंस” की नीति अपनाई जाएगी। इसी नीति के तहत आज प्रशासनिक अमले और पुलिस बल की मौजूदगी में चौमू के चिन्हित इलाकों में बुलडोजर कार्रवाई की गई। अधिकारियों के मुताबिक यह कार्रवाई पूरी तरह वैधानिक प्रक्रिया के तहत की जा रही है और किसी भी निर्दोष को नुकसान न पहुंचे, इसका ध्यान रखा जा रहा है।
प्रशासन का संदेश:
पुलिस और जिला प्रशासन ने साफ कहा है कि शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखना हर नागरिक का अधिकार है, लेकिन हिंसा, पत्थरबाजी और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। यह कार्रवाई केवल दंडात्मक नहीं, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए एक कड़ा संदेश भी है।
निष्कर्ष:
चौमू की घटना के बाद हुई यह बुलडोजर कार्रवाई राजस्थान में कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार की सख्त मंशा को दर्शाती है। प्रशासन का कहना है कि राज्य में शांति और सुरक्षा से समझौता करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह कठोर कदम उठाए जाएंगे।



