एम्स भोपाल में फैकल्टी के लिए विशेष सत्र: चिकित्सा पेशे में तनाव, बर्नआउट एवं भावनात्मक थकान का प्रबंधन

भोपाल । एम्स भोपाल के हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर ने आज अपने फैकल्टी सदस्यों के लिए एक अनुभवात्मक सत्र का आयोजन किया, जिसका उद्देश्य उच्च दबाव वाले चिकित्सा और शैक्षणिक वातावरण में मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करना था। इस सत्र में चिकित्सकों में बढ़ते बर्नआउट, तनाव और भावनात्मक थकान के प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया गया।
सत्र का संचालन आर्ट ऑफ़ लिविंग की सीनियर फैकल्टी सदस्य सुश्री प्रियंका जैन ने गेस्ट फैकल्टी के रूप में किया। उन्होंने व्यावहारिक और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित उपायों के माध्यम से मानसिक दृढ़ता बढ़ाने पर जोर दिया। कार्यक्रम में चिकित्सकों में बढ़ते बर्नआउट की वैश्विक समस्या पर चर्चा की गई और तनाव प्रबंधन के लिए संरचित दृष्टिकोण प्रस्तुत किए गए।
सत्र के प्रमुख विषय:
इस सत्र में कई महत्वपूर्ण तकनीकों और रणनीतियों पर ध्यान केंद्रित किया गया:
लीडरशिप और सॉफ्ट स्किल्स के माध्यम से कार्य-जीवन संतुलन।
त्वरित तनाव मुक्ति और निरंतर उत्पादकता के लिए श्वास और ध्यान तकनीकें।
मानसिक स्पष्टता और भावनात्मक संतुलन बढ़ाने के वैज्ञानिक तरीके।
हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का दृष्टिकोण:
केंद्र के एक प्रतिनिधि ने कहा कि फैकल्टी का मानसिक स्वास्थ्य एम्स भोपाल की उत्कृष्टता की दिशा में महत्वपूर्ण आधार है। संस्थान माइंडफुलनेस और तनाव प्रबंधन विशेषज्ञों के साथ निरंतर सहयोग कर रहा है ताकि स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने वाले कर्मी स्वयं स्वस्थ और सशक्त बने रहें।
सत्र का समापन:
कार्यक्रम का समापन एक संवादात्मक अभ्यास सत्र के साथ हुआ, जिसमें फैकल्टी सदस्यों ने दैनिक जीवन में अपनाई जा सकने वाली तनाव प्रबंधन तकनीकों का अभ्यास किया। इस पहल से एम्स भोपाल की सकारात्मक, सहयोगात्मक और स्वस्थ कार्यस्थल संस्कृति को सुदृढ़ करने की प्रतिबद्धता स्पष्ट रूप से दिखाई दी।



