एमसीयू में नो मोर पाकिस्तान विषय पर विशेष व्याख्यान: राष्ट्रीय सुरक्षा पर युवाओं को जागरूक करने की पहल

भोपाल । भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (एमसीयू) में नो मोर पाकिस्तान विषय पर राष्ट्रीय सुरक्षा मंच द्वारा एक महत्वपूर्ण विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। स्वामी विवेकानंद सभागार में हुए इस कार्यक्रम का उद्देश्य देश की सुरक्षा चुनौतियों, क्षेत्रीय भू-राजनीति और मीडिया की भूमिका पर सूचित व रचनात्मक विमर्श को बढ़ावा देना था।
राष्ट्रीय सुरक्षा के बदलते आयामों पर विशेषज्ञों ने रखे विचार
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गोलोक बिहारी राय, राष्ट्रीय संचालन समिति के सदस्य, ने अपने संबोधन में कहा कि आज के वैश्विक और क्षेत्रीय परिदृश्य में राष्ट्रीय सुरक्षा के आयाम तेजी से बदल रहे हैं। ऐसे समय में नागरिकों विशेषकर युवाओं के लिए सुरक्षा संबंधी संवेदनशील मुद्दों, पड़ोसी देशों की नीतियों और सामरिक संतुलन को बेहतर समझना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने जिम्मेदार संवाद, तथ्य आधारित पत्रकारिता और सजग नागरिक समाज को राष्ट्र की सुरक्षा का मजबूत स्तंभ बताते हुए युवा पीढ़ी से अधिक सक्रिय और जागरूक रहने का आह्वान किया।
मीडिया छात्रों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण : विक्रमादित्य सिंह
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि और संगठन के राष्ट्रीय महासचिव विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि शैक्षणिक परिसरों में राष्ट्रीय सुरक्षा पर आधारित चर्चाएँ अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि युवा पत्रकारों की जिम्मेदारी है कि वे राष्ट्रीय मुद्दों को तथ्यों, संवेदनशीलता और संतुलन के साथ प्रस्तुत करें। मीडिया का स्वर जनमत को प्रभावित करता है, इसलिए पत्रकारों का राष्ट्रहित-केन्द्रित दृष्टिकोण अत्यंत महत्वपूर्ण है।
पूर्व आईपीएस एस. के. राउत ने की अध्यक्षता
कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व आईपीएस एस. के. राउत, अध्यक्ष FANS भोपाल चैप्टर, ने की। उन्होंने कहा कि ऐसे व्याख्यान विद्यार्थियों में विश्लेषणात्मक समझ विकसित करते हैं, जिससे वे देश के समकालीन मुद्दों को व्यापक दृष्टिकोण से देखते हुए राष्ट्र निर्माण में योगदान दे सकें। विश्वविद्यालय के कुलगुरू विजय मनोहर तिवारी की उपस्थिति से भी कार्यक्रम और अधिक सार्थक बना।
छात्रों का उत्साह, कई महत्वपूर्ण प्रश्नों पर संवाद
कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के छात्रों और संकाय सदस्यों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। इंटरैक्टिव सत्र के दौरान विद्यार्थियों ने मीडिया की जिम्मेदारी, युवाओं की राष्ट्रीय मुद्दों में भागीदारी, भविष्य की क्षेत्रीय नीतियाँ
जैसे विषयों पर कई प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने विस्तृत उत्तर दिया।





