भोपाल | अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस 2025 के उपलक्ष्य में आंचलिक विज्ञान केन्द्र, भोपाल ने एक भव्य और शैक्षिक समारोह का आयोजन किया। इस वर्ष का उत्सव विशेष रूप से “प्रौद्योगिकी संचालित समाज में शिक्षा और अनुसंधान के वाहन के रूप में संग्रहालयों की भूमिका” पर केंद्रित रहा। यह आयोजन भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI), भोपाल मंडल और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय (IGRMS) के सहयोग से संपन्न हुआ।
भीमबेटका और प्रागैतिहासिक धरोहरों की झलक
उत्सव के अंतर्गत भोपाल विज्ञान केंद्र परिसर में एक विशेष प्रदर्शनी लगाई गई, जिसमें भीमबेटका और मध्यप्रदेश के अन्य पुरातात्विक स्थलों से संबंधित दुर्लभ गुफा चित्र एवं रॉक आर्ट प्रदर्शित की गई। इसके साथ ही प्रागैतिहासिक युग के दुर्लभ औजारों और उपकरणों को भी एक प्रदर्शन कॉर्नर में प्रस्तुत किया गया, जिसने आगंतुकों को हजारों वर्ष पुरानी मानव सभ्यता की झलक दी।
उद्घाटन समारोह में विशेषज्ञों की भागीदारी
इस ऐतिहासिक प्रदर्शनी का उद्घाटन इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय (IGRMS) के निदेशक प्रो. अमिताभ पांडे द्वारा किया गया। उनके साथ मंच पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI), भोपाल मंडल के अधीक्षण पुरातत्वविद् डॉ. मनोज कुमार कुर्मी भी गरिमामयी उपस्थिति में शामिल रहे। कार्यक्रम का उद्घाटन 18 मई 2025 को सुबह 11 बजे किया गया।
100 से अधिक आगंतुकों की भागीदारी
उद्घाटन समारोह में भोपाल शहर के विभिन्न विद्यालयों और महाविद्यालयों के छात्रों, शिक्षकों और शोधार्थियों के साथ-साथ आम नागरिकों की भी भागीदारी रही। कुल मिलाकर 100 से अधिक प्रतिभागी इस अनूठे सांस्कृतिक एवं शैक्षिक कार्यक्रम का हिस्सा बने।
रात्रिकालीन आकाश अवलोकन कार्यक्रम भी आकर्षण का केंद्र
दिनभर चले संग्रहालय दिवस कार्यक्रम के उपरांत, आज शाम 6 बजे से 8 बजे तक मानव संग्रहालय (IGRMS) परिसर में दूरबीनों के माध्यम से आकाश अवलोकन कार्यक्रम का आयोजन भी किया जाएगा। यह खगोल प्रेमियों के लिए एक विशेष अवसर होगा, जहाँ वे तारों, ग्रहों और खगोलीय पिंडों का अध्ययन कर सकेंगे।
मध्यप्रदेश में संग्रहालयों की भूमिका पर नई सोच
इस समारोह ने दर्शाया कि भोपाल न केवल सांस्कृतिक धरोहरों का केंद्र है बल्कि शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में संग्रहालयों की नई भूमिका को भी मजबूती से प्रस्तुत कर रहा है। ऐसे आयोजन जनमानस में पुरातात्विक चेतना बढ़ाने और विज्ञान तथा इतिहास के समन्वय को समझने का सशक्त माध्यम बनते जा रहे हैं।
भोपाल के आंचलिक विज्ञान केंद्र में अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस पर भीमबेटका गुफा चित्रों की विशेष प्रदर्शनी आयोजित
