खाद्य विभाग में करोड़ों के कथित घोटालों की जांच की मांग, केंद्रीय मंत्री सिंधिया को ज्ञापन देगा सेमी गवर्नमेंट एम्प्लॉय फेडरेशन

वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन, बीमा घोटाला, प्राइवेट गोदाम और वाहन दुरुपयोग सहित कई गंभीर आरोप
भोपाल। सेमी गवर्नमेंट एम्प्लॉय फेडरेशन मध्यप्रदेश के संयोजक अनिल बाजपेई ने बताया कि खाद्य विभाग और वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन से जुड़ी गंभीर अनियमितताओं और करोड़ों रुपये के कथित घोटालों को लेकर केंद्रीय मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को ज्ञापन सौंपा जाएगा। ज्ञापन में विभागीय अधिकारियों, दलालों और निजी संस्थाओं की भूमिका की उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई है।
2 करोड़ का बीमा 10 करोड़ में देने का आरोप
अनिल बाजपेई ने बताया कि वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन में जहां पहले खाद्यान्न बीमा प्रतिवर्ष लगभग 2 करोड़ रुपये में होता था, वहीं इस वर्ष दलालों के माध्यम से 10 करोड़ रुपये में बीमा दिया गया। ज्ञापन में यह मांग की जाएगी कि किस अधिकारी के निर्देश पर दलालों को बीमा दिया गया। किन अधिकारियों पर टेलीफोन और मोबाइल के माध्यम से दबाव बनाया गया। बीमा प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी क्यों की गई। इन सभी बिंदुओं की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए।
100 करोड़ के खाद्यान्न भवन और 50 करोड़ की खरीदी पर सवाल
फेडरेशन ने लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से खाद्यान्न भवन निर्माण के निर्णय का विरोध किया है। साथ ही लगभग 50 करोड़ रुपये की कैमरा, कंप्यूटर व अन्य सामग्री खरीदी में भी अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की गई है।
नागरिक आपूर्ति निगम के 70 हजार करोड़ के भुगतान का हिसाब नहीं
अनिल बाजपेई ने आरोप लगाया कि नागरिक आपूर्ति निगम को भारत सरकार द्वारा लगभग 70 हजार करोड़ रुपये का भुगतान नहीं किया गया, क्योंकि निगम के अधिकारियों द्वारा समय पर केंद्र सरकार को हिसाब प्रस्तुत नहीं किया गया। ज्ञापन में हिसाब न देने वाले अधिकारियों की जांच की मांग की जाएगी।
बकतरा शाखा में 300 करोड़ का गेहूं खराब होने का मामला
फेडरेशन ने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री के कार्यकाल में बकतरा शाखा में लगभग 300 करोड़ रुपये का गेहूं प्राइवेट वेयरहाउस में रखा गया, जो समय पर दवा नहीं डालने के कारण खराब हो गया। इसके बावजूद राजनीतिक दबाव में प्राइवेट गोदाम मालिक को भुगतान कर दिया गया, जबकि आज भी वह गेहूं खाने योग्य नहीं है। लगभग 28 बार दवा डाली जा चुकी है, फिर भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ।
वाहन दुरुपयोग और टैक्सी भुगतान पर सवाल
वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन में निगम से संबद्ध न होने वाले लोगों को 12 वाहन दिए जाने 12 प्राइवेट टैक्सियों पर प्रतिवर्ष लगभग 10 करोड़ रुपये का भुगतान वाहनों के दुरुपयोग, की भी जांच की मांग की गई है।
ब्लैकलिस्ट गोदामों को दबाव में हटाने का आरोप
फेडरेशन ने आरोप लगाया कि जिन प्राइवेट गोदामों को ब्लैकलिस्ट किया गया था, उन्हें राजनीतिक व प्रशासनिक दबाव में दोबारा सूची से बाहर कर दिया गया, जिसकी भी जांच आवश्यक है।
रिटायर्ड और भ्रष्ट इंजीनियर की नियुक्ति पर सवाल
वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन में एक सेवानिवृत्त इंजीनियर को रखे जाने पर सवाल उठाए गए हैं, जिन पर लोकायुक्त द्वारा करोड़ों की संपत्ति पाए जाने के आरोप हैं। ज्ञापन में पूछा जाएगा कि ऐसे व्यक्ति को किस अधिकारी के कहने पर रखा गया।
कर्मचारियों की मांगें भी होंगी शामिल
ज्ञापन में यह भी मांग की जाएगी कि—
निगम-मंडलों में रिक्त पदों पर नियमित भर्ती की जाए
दैनिक वेतन, आउटसोर्स और संविदा कर्मचारियों को सुरक्षा मिले
65 वर्ष से अधिक उम्र के सेवानिवृत्त कर्मचारियों की सेवाएं तत्काल समाप्त की जाएं
15 मार्च से मोटरसाइकिल यात्रा कर दिल्ली जाएंगे प्रतिनिधि
अनिल बाजपेई ने बताया कि 15 मार्च से चार मोटरसाइकिलों पर प्रतिनिधि दल भोपाल से गुना–ग्वालियर–आगरा होते हुए दिल्ली जाकर केंद्रीय मंत्री के निवास पर ज्ञापन सौंपेगा।
सभी आरोपों से संबंधित दस्तावेजी साक्ष्य भी ज्ञापन के साथ प्रस्तुत किए जाएंगे।
गृहमंत्री अमित शाह को भी भेजी जाएगी प्रति
ज्ञापन की एक प्रति केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह को भी भेजी जाएगी। फेडरेशन का आरोप है कि प्रदेश शासन को कई बार शिकायतें देने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे कर्मचारी संगठनों को दिल्ली जाकर गुहार लगाने का निर्णय लेना पड़ा है।





