State

सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से पहले भोपाल में सीलिंग कार्रवाई थमी, रहवासी संगठनों ने उठाए सवाल

भोपाल, 3 अगस्त। राजधानी भोपाल में आवासीय क्षेत्रों में संचालित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ नगर निगम की सीलिंग कार्रवाई सोमवार को अचानक रुक गई। यह फैसला ऐसे समय लिया गया है, जबकि इस मामले में 4 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई प्रस्तावित है। ऐसे में कार्रवाई रुकने को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

सोमवार सुबह से कई आवासीय कॉलोनियों में व्यावसायिक प्रतिष्ठान सामान्य रूप से खुल गए। पिछले करीब 15 दिनों से नगर निगम सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के पालन में ऐसे प्रतिष्ठानों को सील करने की कार्रवाई कर रहा था।

इस बीच व्यापारियों के साथ मुख्यमंत्री की बैठक के बाद कार्रवाई रोक दी गई। हालांकि, राज्य सरकार की ओर से जारी जानकारी में कहा गया था कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश की समीक्षा के बाद गठित समिति की अनुशंसाओं के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी। आदेश में सख्त कार्रवाई से बचने की बात कही गई थी, लेकिन सीलिंग कार्रवाई पूरी तरह रोकने का स्पष्ट उल्लेख नहीं था।

इधर, नए भोपाल की विभिन्न आवासीय कॉलोनियों के रहवासी संगठनों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात के लिए समय मांगा है। प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव चंद्रशेखर वलिंबे से समय लेकर मुख्यमंत्री के समक्ष अपना पक्ष रखना चाहता है।

रहवासी संगठनों का कहना है कि वे आवासीय क्षेत्रों में अवैध व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप नगर निगम की कार्रवाई का समर्थन करते हैं। उनका तर्क है कि आवासीय कॉलोनियों का मूल स्वरूप बनाए रखना आवश्यक है, क्योंकि अनियंत्रित व्यावसायिक गतिविधियों से यातायात, पर्यावरण, सुरक्षा और नागरिक सुविधाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

प्रतिनिधिमंडल में पूर्व संभाग आयुक्त कवींद्र कियावत, कमल राठी, पूर्णेन्दु शुक्ल, अपर्णा वशिष्ठ, शुभ्रा गोयल, विवेक त्रिपाठी, नीरज गुलाटी, लवनीश भाटी, अजय शुक्ला, मयंक नागर, पंकज शर्मा सहित अरेरा कॉलोनी, शाहपुरा, गौतम नगर और रचना नगर के विभिन्न रहवासी संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हैं।

Related Articles